{"_id":"6ac63d15a46bef0c15064bde","slug":"a-message-advocating-open-dialogue-on-mental-health-cannabis-also-came-under-discussion-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-158182-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: मानसिक स्वास्थ्य पर खुली बात का संदेश, भांग पर भी हुआ मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: मानसिक स्वास्थ्य पर खुली बात का संदेश, भांग पर भी हुआ मंथन
विज्ञापन
-सफदरजंग अस्पताल में वाद-विवाद और मार्च फॉर मेंटल हेल्थ का आयोजन, छात्रों-डॉक्टरों ने लिया हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के मनोरोग विभाग ने मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह 2026 के अवसर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए दो कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें भांग (कैनबिस) को कानूनी मान्यता देने के मुद्दे पर वाद-विवाद प्रतियोगिता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मार्च फॉर मेंटल हेल्थ शामिल रहा।
विभागाध्यक्ष एवं कंसल्टेंट डॉ. पंकज वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित वाद-विवाद में प्रतिभागियों ने भांग को कानूनी बनाने के पक्ष और विपक्ष में तर्क रखे। चर्चा में इसके चिकित्सकीय उपयोग, मानसिक स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव, सामाजिक पहलुओं, कानून और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को शामिल किया गया। आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता का उद्देश्य संवेदनशील स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर तार्किक सोच तथा स्वस्थ संवाद को बढ़ावा देना था। निर्णायक मंडल में डॉ. जतिन तलवार, डॉ. शिखा बंसल और डॉ. मनुश्री गुप्ता शामिल रहे।
जागरूकता के संदेश के साथ निकला मार्च : मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत मार्च फॉर मेंटल हेल्थ का भी आयोजन किया गया। अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के मार्गदर्शन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारु बाम्बा के सहयोग से हुए मार्च का नेतृत्व डॉ. पंकज वर्मा ने अपनी टीम के साथ किया। इसमें मेडिकल छात्र, रेजिडेंट डॉक्टर और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए।
विज्ञापन
मार्च के जरिये लोगों को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने संदेश दिया कि मानसिक परेशानी में सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक कदम है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के मनोरोग विभाग ने मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह 2026 के अवसर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए दो कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें भांग (कैनबिस) को कानूनी मान्यता देने के मुद्दे पर वाद-विवाद प्रतियोगिता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मार्च फॉर मेंटल हेल्थ शामिल रहा।
विभागाध्यक्ष एवं कंसल्टेंट डॉ. पंकज वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित वाद-विवाद में प्रतिभागियों ने भांग को कानूनी बनाने के पक्ष और विपक्ष में तर्क रखे। चर्चा में इसके चिकित्सकीय उपयोग, मानसिक स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव, सामाजिक पहलुओं, कानून और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को शामिल किया गया। आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता का उद्देश्य संवेदनशील स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर तार्किक सोच तथा स्वस्थ संवाद को बढ़ावा देना था। निर्णायक मंडल में डॉ. जतिन तलवार, डॉ. शिखा बंसल और डॉ. मनुश्री गुप्ता शामिल रहे।
विज्ञापन
जागरूकता के संदेश के साथ निकला मार्च : मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत मार्च फॉर मेंटल हेल्थ का भी आयोजन किया गया। अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के मार्गदर्शन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारु बाम्बा के सहयोग से हुए मार्च का नेतृत्व डॉ. पंकज वर्मा ने अपनी टीम के साथ किया। इसमें मेडिकल छात्र, रेजिडेंट डॉक्टर और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए।
विज्ञापन
मार्च के जरिये लोगों को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने संदेश दिया कि मानसिक परेशानी में सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक कदम है।