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राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर करोड़ों की ठगी करने वाला गिरफ्तार, तीन साल से था फरार
Fri, 23 Oct 2020 03:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 23 Oct 2020 03:46 AM IST
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राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। मूल रूप से बिहार के सितामढ़ी निवासी आरोपी प्रवीण कुमार सिंह भारतीय खाद्य निगम का टेंडर और ट्योटा कंपनी की एजेंसी दिलाने के नाम पर ठगी करता था। चार वर्ष पहले पंजाब निवासी एक व्यक्ति से 4.62 करोड़ की ठगी की थी। कुछ दिन जांच में शामिल होने के बाद करीब तीन वर्षों से फरार था।
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आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2016 में पंजाब के सुनील विक्रम ने नार्थ एवेन्यू थानेे मेें ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें भारतीय खाद्य निगम का टेंडर दिलाने और वाहन बनाने वाली कंपनी ट्योटा की एजेंसी देने का झांसा देकर उससे 4.62 करोड़ रुपये हड़पने की बात कही गई थी। पीड़ित ने 1.62 करोड़ रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे जबकि तीन करोड़ रुपये कैश दिए थे। करोड़ों की ठगी होने की वजह से मामले को आर्थिक अपराध शाखा में ट्रांसफर कर दिया गया।
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निरीक्षक नितिन कुमार के नेतृत्व में जांच के दौरान पता चला कि आरोपी प्रवीण मध्य प्रदेश के एक सांसद के नार्थ एवेन्यू स्थित फ्लैट में रहता था। वह लोगों को नेताओं से अच्छे संबंध होने और नार्थ एवेन्यू के फ्लैट में रहने का झांसा देकर ठगी को अंजाम देता था। अपनी राजनीतिक पहुंच का झांसा देकर सुनील विक्रम को भारतीय खाद्य निगम का टेंडर दिलाने का भरोसा दिलाया।
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साथ ही पंजाब में ट्योटा कंपनी की एजेंसी दिलाने का झांसा दिया और उससे इसके एवज में उससे पैसे ऐंठ लिये। काफी दिनों बाद जब सुनील ने खुद को ठगा महसूस कर पुलिस से शिकायत की। शुरु में प्रवीण तफ्तीश में शामिल हुआ लेकिन बाद में वह फरार हो गया।
वह राहत पाने के लिए अदालत की चक्कर काटने लगा और अदालत में रकम वापस करने का आश्वासन दिया। लेकिन इसमें विफल होने के बाद वह फरार हो गया। उसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। बुधवार को पुलिस उसे उस समय दबोच लिया जब वह वकील से मिलने के लिए अदालत जा रहा था। जांच में पता चला कि प्रवीण के खिलाफ अपराध शाखा में भी ठगी के दो मामले दर्ज हैं। आरोपी ने दोनों मामलों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।