{"_id":"6a43f41c3c960687b70d36a8","slug":"a-framework-should-be-prepared-for-liver-disease-screening-jagat-prakash-nadda-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-143430-2026-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: लिवर की बीमारी की स्क्रीनिंग के लिए फ्रेमवर्क हो तैयार, जगत प्रकाश नड्डा बोले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: लिवर की बीमारी की स्क्रीनिंग के लिए फ्रेमवर्क हो तैयार, जगत प्रकाश नड्डा बोले
Tue, 30 Jun 2026 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 10:21 PM IST
विज्ञापन
जेपी नड्डा
- फोटो : ANI
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज के 10 वें दीक्षांत समारोह में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कार्यक्रम में लिवर स्क्रीनिंग के लिए राष्ट्रीय फ्रेमवर्क तैयार करने की अपील की। इस अवसर उन्होंने संस्थान को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए लिवर की बीमारी की स्क्रीनिंग के लिए एक राष्ट्रीय फ्रेमवर्क विकसित करने का आदेश दिया। जिससे पुरानी लिवर की बीमारियों का जल्दी पता लगाया जा सके और उनका बोझ कम किया जा सके।
विज्ञापन
इस समारोह में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव एवं आईएलबीएस के अध्यक्ष राजीव वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह में 36 पोस्ट-डॉक्टोरल और आठ पीएचडी छात्रों सहित कुल 44 छात्रों को डिग्रियां दी गईं। उन्होंने उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 हो गई है। चिकित्सा में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए सीटों की संख्या लगभग 50,000 से बढ़कर 1 लाख 20 हजार से अधिक हो गई है। सरकार ने आगामी पांच वर्षों में 75,000 अतिरिक्त स्नातक चिकित्सा सीटें सृजित करने का लक्ष्य रखा है और लगभग 25,000 सीटें पहले ही जोड़ी जा चुकी हैं। स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों की संख्या लगभग 30,000 से बढ़कर 80,000 से अधिक हो गई है जिससे देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
42 करोड़ से अधिक की हुई उच्च रक्तचाप की जांच
गैर-संचारी रोगों की जनसंख्या-आधारित जांच में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर बताया कि 42 करोड़ से अधिक व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप की जांच की गई है। इसमें 7.3 करोड़ से अधिक मामलों का निदान हुआ है। इसी तरह 42 करोड़ से अधिक लोगों की मधुमेह की जांच की गई है। जिनमें से लगभग 5 करोड़ लोगों में इस बीमारी का पता चला है। 35 करोड़ से अधिक लोगों की मुख कैंसर के संबंध में जांच की गई है। जिसके परिणामस्वरूप 2.3 लाख से अधिक मामलों का पता चला है।
विज्ञापन
1.6 लाख से अधिक लिवर मरीजों को मिला इलाज
संस्थान के निदेशक प्रो. एस.के. सरीन ने वार्षिक रिपोर्ट यकृत दीप- द इटरनल फ्लेम ऑफ लिवर प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2025 के दौरान आईएलबीएस में 1.6 लाख से अधिक लिवर मरीजों का इलाज किया। संस्थान ने 10800 लिवर इमरजेंसी मामलों का सफल प्रबंधन किया और अब तक 1392 लिवर प्रत्यारोपण पूरे किए हैं। जिनमें 2025 में किए गए 162 प्रत्यारोपण शामिल हैं।