मनी लॉन्ड्रिंग: अवंता ग्रुप के प्रमोटर गौतम थापर को जमानत याचिका पर दलीलें पेश करने के लिए समय मिला
विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने पेश हुए थापर के वकील को 23 अक्तूबर तक दस्तावेज दाखिल कराने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्तूबर को होगी। आरोपी ने अपनी जमानत याचिका पर ईडी की प्रतिक्रिया का जवाब देने के लिए कोर्ट से समय मांगा था।
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अवंता ग्रुप के प्रमोटर गौतम थापर को 500 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जमानत याचिका के पक्ष में अग्रिम दलीलें पेश करने के लिए दिल्ली की एक कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है।
विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने पेश हुए थापर के वकील को 23 अक्तूबर तक दस्तावेज दाखिल कराने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्तूबर को होगी। आरोपी ने अपनी जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रतिक्रिया का जवाब देने के लिए कोर्ट से समय मांगा था।
ईडी की ओर से पेश विशेष सरकारी अधिवक्ता- अमित महाजन और एनके मत्ता ने यह कहते हुए आरोपी की जमानत याचिका का विरोध किया कि आरोपी मौजूदा जांच को प्रभावित कर सकता है और रिहा किए जाने पर भाग भी सकता है। थापर की ओर से करंजावाला एंड कंपनी द्वारा दाखिल जमानत याचिका में दावा किया गया है कि जांच में आरोपी की जरूरत नहीं है और आरोपी को हिरासत में रखने का कोई फायदा नहीं होगा। कोर्ट ने हाल ही में थापर और 20 अन्य के खिलाफ इस मामले में दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लिया है।
इसके बाद न्यायाधीश ने यह कहते हुए आरोपी और समूह की कंपनियों को 20 अक्तूबर से 30 नवंबर के बीच पांच तारीखों पर पेश होने के लिए समन भेजा कि एक ही तारीख पर इतने ज्यादा आरोपियों और उनके वकीलों की कोर्ट परिसर में मौजूदगी से कोरोना की गाइडलाइंस का पालन नहीं हो सकेगा।
फाइनल रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने 2017 से 2019 तक जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जनता के पैसे का दुरुपयोग जैसे अपराध किए हैं, जिससे यस बैंक को 466.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
ईडी थापर की कंपनी अवंता रिएलिटी, यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर और उनकी पत्नी के बीच कथित रूप से हुए एक लेनदेन की जांच कर रही है। राणा कपूर और उनकी पत्नी के खिलाफ ईडी पहले से ही प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जांच की जा रही है।