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मुखर्जी नगर प्रकरणः कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में रोष, कहा- इससे टूटेगा मनोबल
Mon, 17 Jun 2019 10:33 PM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Mon, 17 Jun 2019 10:33 PM IST
सार
- कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में रोष, कहा-इससे टूटेगा मनोबल
- पुलिस ने लगाया ग्रामीण चालक पर पहले मारपीट करने का आरोप
- पिता ने मारी तलवार, बेटे ने वाहन ऊपर चढ़ाने का किया प्रयास
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delhi police beat driver
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नई दिल्ली के मुखर्जी नगर में रविवार को हुआ बवाल तूल पकड़ने लगा है। सोमवार को ग्रामीण सेवा चालक सरबजीत की शिकायत पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि उन्होंने सरबजीत व उसके बेटे को बर्बरता से पीटा। वहीं, पुलिसकर्मियों का कहना है कि तमाम आरोप गलत हैं। आरोपी ने पहले तलवार निकालकर पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इस दौरान उसके बेटे ने अपनी ग्रामीण सेवा (मिनी सवारी टेंपो) से उन्हें कुचलने का प्रयास किया।
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एक पुलिसकर्मी का कहना है कि पूरे इलाके में ग्रामीण सेवा चालकों की मनमानी रहती है। आम लोग भी इनसे परेशान हैं। रविवार को ग्रामीण सेवा चालक ने पहले थाने के वाहन को टक्कर मारी। इसके बाद जब आरोपी चालक से थाने चलने के लिए कहा गया तो उसने सीधे तलवार निकालकर पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। थाने से जब और पुलिसकर्मियों को बुलाया गया तो आरोपी ने थाने में तैनात एएसआई योगराज के सिर पर तलवार मार दी। इसके बाद भी योगराज ने उसे नहीं छोड़ा। सरबजीत को काबू करने के दौरान सिपाही मुकेश भी पैर में चोट लगने से घायल हो गया। इसी दौरान सरबजीत के बेटे ने ग्रामीण सेवा वाहन पुलिसकर्मियों पर चढ़ाने का प्रयास किया।
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पुलिसकर्मियों का कहना है कि सरबजीत को काबू करने के लिए जब उस पर डंडे बरसाए गए तो ही वह काबू में आया। मामले के कई वीडियो हैं, जिनमें सारी हकीकत बयां है। बड़ी मशक्कत के बाद सरबजीत को काबू किया गया। पुलिसकर्मियों का कहना था कि आत्मरक्षा के लिए उन्होंने सरबजीत को पीटा है। ऐसे में यदि बजाए सरबजीत पर कार्रवाई करने के उनके खिलाफ ही कार्रवाई कर दी जाएगी तो इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल टूटेगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एक समुदाय के दबाव में आकर सारी कार्रवाई की है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को बिना किसी दबाव के आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर समाज को संदेश देना चाहिए।
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