जेब काटने में पुरुषों से कहीं आगे हैं महिलाएं
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केंद्रीय औद्यौगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने जेबतराशी को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन नेटवर्क (डीएमआरसी) में इस साल हुई जेबतराशी के बारे में विस्तृत रिपोर्ट है।
इस रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वो ये कि जेब काटने के मामले में महिलाएं पुरुषों की तुलना में कहीं आगे हैं। सीआईएसएफ की ओर से जारी किए आंकड़ों के मुताबिक जेबतराशी में पकड़े गए आरोपियों में पुरुष आरोपी महज छह फीसदी हैं।
जबकि जेबतराशी में शामिल महिलाओं का औसत 94 फिसदी है। जो पुरुषों की तुलना में 15 गुने से भी अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले जनवरी से नवंबर तक में सीआईएसएफ ने कुल 315 जेबकतरे पकड़े। जिनमें महज 22 पुरुष और 293 महिलाएं थीं।
ये है महिलाओं के जेब काटने का अचूक तरीका
डीएमआरसी नेटवर्क के प्लेटफॉर्म और मेट्रो के डिब्बों की निगरानी का काम सीआईएसएफ करती है। साल की समाप्ति पर इन दिनों सीआईएसएफ सालभर हुई घटनाओं-दुघर्टनाओं का मुआयना कर रिपोर्ट जारी कर रही है। इसी क्रम में मेट्रो ने जेब तराशों की रिपोर्ट जारी की है।
मामले पर एक एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेबकतरा महिलाएं किसी बच्चे या नवजात शिशु को अपने साथ लेकर चलती हैं। उनके मुताबिक जितनी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, उनका हावभाव और पोशाक देखकर शक तक नहीं किया जा सकता था। आमतौर पर महिलाओं को रंगे हाथ पकड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि जेबतराशी में पकड़े गए सभी आरोपियों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उनके मुताबिक दिल्ली मेट्रो के तकनीकी और मेंटिनेंस समेत महिला जेबकतरों की बढ़ती संख्या सीआईएसएफ के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभर रही हैं।