फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   92 years old woman named Saliman goes to school in Bulandshahr

वीडियो: बुलंदशहर में 92 साल की सलीमन में साक्षर बनने की ऐसी ललक, बच्चों संग ले रहीं क्लास

Wed, 27 Sep 2023 04:59 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर Published by: आकाश दुबे Updated Wed, 27 Sep 2023 04:59 PM IST
सार

92 वर्षीय बुजुर्ग महिला सलीमन ने नव साक्षर बनने के लिए परीक्षा दी। सलीमन ने बताया कि मुझे पढ़ने का बहुत शोक था, जो बचपन में पूरा नहीं हो सका। कई बार सोचा कि नाम तो लिखना आ जाए।

विज्ञापन
92 years old woman named Saliman goes to school in Bulandshahr
बच्चों के साथ पढ़तीं सलीमन - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

साक्षर भारत अभियान के तहत जिलेभर में रविवार को परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें साक्षर बनने वाले 2490 नव साक्षर शामिल हुए। खास बात यह रही कि एक परीक्षा केंद्र पर 92 साल की बुजुर्ग महिला सलीमन ने भी नव साक्षर बनने के लिए परीक्षा दी।

विज्ञापन
Trending Videos

बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि जनपद में नव साक्षर कार्यक्रम के तहत जनपद के लक्ष्य 19975 के सापेक्ष 21000 असाक्षरों को साक्षर किया जा चुका है। इनमें से 7263 नवसाक्षरों की परीक्षा इसी वर्ष 19 मार्च को कराई जा चुकी है। जबकि रविवार को 2863 नव साक्षरों की परीक्षा कराई गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

परीक्षा जिला कारागार समेत 267 परीक्षा केंद्र कराई गई। परीक्षा सुबह दस बजे से शुरू हुई और दोपहर बाद तक जारी रही। इस परीक्षा में 2863 के सापेक्ष 2490 नव साक्षर शामिल हुए। बताया गया सभी नव साक्षर पूरी रुचि के साथ अपने-अपने काम से मुक्त होते ही खुद को साक्षरों की श्रेणी में शामिल करने परीक्षा केंद्र तक पहुंचते रहे। प्रेरकों व अफसरों को भी परीक्षा में नव साक्षरों को परीक्षा केंद्र पर बुलाने की जरूरत नहीं पड़ी। परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। सभी परीक्षा केंद्र परिषदीय स्कूलों में बनाए गए।

बोलीं सलीमन- अक्षर ज्ञान का पता करने के लिए दी परीक्षा
तहसील सदर के गांव चावली स्थित प्राथमिक विद्यालय में बने परीक्षा केंद्र पर इसी गांव की 92 वर्षीय बुजुर्ग महिला सलीमन ने नव साक्षर बनने के लिए परीक्षा दी। सलीमन ने बताया कि मुझे पढ़ने का बहुत शोक था, जो बचपन में पूरा नहीं हो सका। कई बार सोचा कि नाम तो लिखना आ जाए, लेकिन यह सपना भी पिछले दिनों तक अधूरा रहा। मैंने अपनी पढ़ने की इच्छा परिवार के पौते-पोती समेत अन्य परिजनों के सामने जताई तो उन्होंने अक्षर ज्ञान कराना सिखाया। अब खुशी इस बात की है कि पढ़ने की तम्मना पूरी हो गई। अब नव साक्षर बनने के लिए यह परीक्षा इसलिए दी कि इससे यह पता लगे सके कि मैंने कितना कुछ सीखा है। पहली बार परीक्षा देकर खुशी का ठिकाना नहीं है। वहीं, सलीमन के इस परीक्षा में शामिल होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed