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चुनाव जीतते ही जांच की जद में 83 चौधरी

Sat, 30 Jan 2016 02:33 PM IST
अंकित चौहान/अमर उजाला, फरीदाबाद
अंकित चौहान/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 30 Jan 2016 02:33 PM IST
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83 ward members in haryana punchayat election are in suspects list

रोहतक।

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पंचायत चुनाव में जीत का जश्न खत्म भी नहीं हुआ था कि 83 चौधरी जांच की जद में आ गए हैं। पंचायत चुनाव जीतने वाले 83 सरपंचों और जिला पार्षदों के शैक्षणिक दस्तावेज की जांच शुरू कर दी गई है।

नव निर्वाचित चौधरियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र दूसरे राज्यों के हैं, जिन पर विरोधियों ने सवालिया निशान लगा दिया है। मतगणना में धांधली की शिकायतें भी चुनाव आयोग व अधिकारियों के पास पहुंच गई हैं।

पंचायत चुनाव में सरकार ने पहली बार शैक्षणिक योग्यता की शर्त लगाई। इस शर्त ने 5 साल से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई चौधरियों को परेशानी में डाल दिया।

किसी ने अपने परिजनों को चुनावी रण में उतारकर इसका तोड़ निकाला तो किसी ने बेटे की शादी करके उसकी नई नवेली दुल्हन को महिला आरक्षित सीट पर उतारा।

लेकिन कुछ प्रत्याशियों ने शैक्षणिक शर्त पूरी करने के लिए दूसरे प्रदेशों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र लगा दिए। शिकायत आई तो कुछ के नामांकन भी रद्द हुए। अब पंचायत चुनाव हो गए हैं और प्रतिनिधि चुन लिए गए हैं।

शिकायतों की फेहरिस्त में मेवात सबसे ऊपर है। मेवात में 9, रेवाड़ी में 4, रोहतक में 3, सिरसा में 5, यमुनानगर में 6, पानीपत में 4, सोनीपत में 3, हिसार में 5, झज्जर में 2, फरीदाबाद में 2, गुड़गांव में 3 शिकायतें आई हैं।

जांच के दायरे में आए शैक्षणिक प्रमाण पत्र उड़ीसा, मोहाली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बने हुए हैं। अधिकारी भी इन पर इसलिए संदेह कर रहे हैं, क्योंकि अचानक से कोई उड़ीसा जाकर प्रमाणपत्र बनवा लेता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जांच सौंपी गई है।

शिकायत पर जांच शुरू, मतगणना में धांधली के भी आरोप, मेवात में सबसे ज्यादा 9, रेवाड़ी में 4 और रोहतक में 3 की होगी जांच

अधिकारियों पर नहीं आएगी आंच

अगर किसी विजेता के प्रमाण पत्र फर्जी भी मिलते हैं तो अधिकारियों पर कोई आंच नहीं आएगी। यह पहले ही साफ कर दिया गया था कि सभी को प्रमाण पत्र सही होने का शपथ पत्र देना होगा।

चुनाव से पहले या बाद में अधिकारी केवल शिकायत के आधार पर ही इनकी जांच करेंगे। जांच में दस्तावेज फर्जी निकलते हैं तो आवेदक पर मुकदमा दर्ज करके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी जाएगी।

जिस किसी प्रत्याशी के खिलाफ शिकायत आई थी, वे संबंधित विभाग के पास भेज दी गईं थीं। शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच शिक्षा विभाग के अधिकारी करेंगे। - अमित खत्री, एडीसी, रोहतक

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