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8 साल से आंकड़ेबाजी से चल रहा नगर निगम
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 21 Jun 2014 10:56 PM IST
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आठ साल से नगर निगम सिर्फ आंकड़ेबाजी से ही चल रहा है। निगम में आय-व्यय के आंकड़ों का आडिट तक नहीं हुआ। बैलेंस शीट तक नहीं बनाई गई। आडिट न होने की वजह से निगम के पूर्व अधिकारियों ने आंकड़ों में जमकर ‘खेल’ किया।
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अब नए नगर आयुक्त ने 2006-07 से अभी तक के आय-व्यय के डाटा और फाइलों का आडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इस आडिट में ‘खेल ’ न हो सका तो निगम के कई अधिकारी इस आंकड़ेबाजी में फंस सकते हैं।
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नगर निगम में आठ साल से भुगतान की फाइलों, आय और व्यय के आंकड़ों का आडिट न होने के बावजूद निगम अधिकारी हर साल इन आंकड़ों को बजट में शामिल करते रहे। जबकि बिना आडिट के आंकड़ों का कोई वजूद नहीं होता।
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नियमानुसार हर दो महीने में निगम के आय-व्यय के आंकड़ों का आडिट कराकर रिपोर्ट कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत करनी होती है। लंबे समय से यह ‘खेल’ चल रहा है। नए नगर आयुक्त एसके सिंह ने अकाउंट विभाग को 15 दिन में 2006-07 से अभी तक के आंकड़ों का आडिट कराकर रिपोर्ट देने को कहा है।
वह पूर्व में आडिट न कराए जाने पर किसी भी अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने से इनकार कर रहे हैं। ऐसे में यह आडिट पूर्व के अधिकारियों को क्लीन चिट दे देगी। यानी आडिट की प्रक्रिया सिर्फ आंकड़ों को सत्यापित कराने के लिए की जाएगी।