विकास चौधरी हत्याकांड: पुलिस ने सात बदमाशों को पकड़ा, अब तक 11 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या में शामिल चार बदमाशों सहित सात लोगों को क्राइम ब्रांच डीएलएफ और सेक्टर-30 ने गिरफ्तार किया है। इनमें से चार बदमाश विकास की हत्या के दौरान मौके पर अलग-अलग कारों में मौजूद थे, जबकि तीन लोगों ने वारदात के बाद हमलावरों को शरण दी थी। इस मामले में पुलिस अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, मगर मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। विकास चौधरी की सेक्टर-9 मार्केट स्थित जिम के बाहर 27 जून की सुबह गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
विकास चौधरी की हत्या के मामले में कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने मंगलवार को इस वारदात में शामिल सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गांव फरीदपुर निवासी सौरभ, अतुल, सोनीपत निवासी धर्मजीत उर्फ काला, नवीन उर्फ लांबा, अमरदीप उर्फ हन्नी, भिवानी निवासी सुनील उर्फ मोनू और बहादुरगढ़ निवासी सूरज शामिल हैं। इनमें अतुल, सौरभ, सुनील और अमरदीप उर्फ हन्नी विकास चौधरी की हत्या के दौरान मौके पर मौजूद थे, जबकि नवीन, धर्मजीत और सूरज ने हत्या के बाद आरोपियों को सोनीपत स्थित अपने घर में छिपाया था और फिर भागने के लिए गाड़ी भी उपलब्ध करवाई थी।
गिरफ्तार आरोपियों में सौरभ और अतुल ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उनकी सचिन खेड़ी से जान पहचान थी और उसके कहने पर ही वे वारदात में शामिल हुए थे। विकास की हत्या से पहले 24 व 25 तारीख को उन्होंने उसके घर व जिम की रेकी की थी। वारदात वाले दिन तीन अलग-अलग गाड़ियों में नौ लोग शामिल थे। विकास चौधरी पर विकास उर्फ माले और झज्जर निवासी सज्जन उर्फ भोला ने गोलियां बरसाई थी। वारदात के बाद वे लोग सेक्टर-76 पहुंचे और वारदात में शामिल कार को छोड़ कर दूसरी गाड़ी में सवार होकर सोनीपत जाकर छिप गए थे। चौधरी हत्याकांड में गुरुग्राम के गैंगस्टर कौशल का नाम आने के बाद पुलिस उसकी पत्नी रोशनी और नौकर चांद के अलावा हथियार उपलब्ध करवाने वाले मंजेश व विकास उर्फ माले के भाई हरेंद्र को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
बदमाशों की दो टीम रिजर्व में चल रहीं थीं आरोपियों के साथ
विकास चौधरी की हत्या को अंजाम देने के लिए हमलावरों ने पुख्ता प्लानिंग की थी। बदमाशों ने विकास की हत्या के लिए एक मुख्य टीम के अलावा दो रिजर्व टीमें बनाई थी, जो कि मुख्य टीम से थोड़ा अलग खड़ी थी। मुख्य टीम के असफल होने या फिर उन पर किसी तरह का हमला होने की सूरत में रिजर्व टीमों को मोर्चा संभालना था। पुलिस ने हत्या के दौरान मौके पर मौजूद चार बदमाशों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। इन्हें बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि वारदात को अंजाम देने वाली मुख्य टीम एसएक्स-4 गाड़ी में थी। इसमें कौशल का सबसे विश्वासपात्र शूटर झज्जर निवासी सज्जन उर्फ भोला, विकास उर्फ माले, सचिन खेड़ी और दो अन्य बदमाश सवार थे। जबकि इनसे थोड़ी दूर कार में गांव फरीदपुर निवासी सौरभ और अतुल व एक एसेंट कार में अमरदीप उर्फ हन्नी व एक अन्य बदमाश सवार था। सचिन खेड़ी को यहां के सारे रास्ते पता होने के कारण एसएक्स-4 गाड़ी को वहीं चला रहा था। वारदात के दौरान सज्जन उर्फ भोला और विकास उर्फ माले विकास चौधरी पर गोलियां चलाई थी, जबकि बाकी सब आसपास नजर रखे हुए थे। गिरफ्तार आरोपी सौरभ ने बताया कि विकास चौधरी के साथ हमेशा बाउंसर रहते थे।
ऐसे में वारदात के दौरान वहां उसके बाउंसर होते या पब्लिक जमा होने पर माले और सज्जन की टीम को भागना पड़ता तो पीछे की गाड़ियों में सवार बदमाशों को विकास की हत्या करनी थी। घटना वाले दिन हत्यारोपी अलग-अलग कारों में सोनीपत, दिल्ली और फरीदाबाद से यहां पहुंचे थे। हत्याकांड को अंजाम क्यों दिया गया, गिरफ्तार आरोपियों में से किसी को कुछ नहीं पता और न ही उन्हें अभी इसके लिए कोई पैसा मिला है। मंगलवार को गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने सौरभ और अतुल से एक-एक पिस्तौल व छह कारतूस भी बरामद किए हैं।