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अब फंसेंगे स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के 600 निवेशक, प्राधिकरण ने पंजीकरण रद्द करने की सिफारिश
Mon, 01 Jul 2019 10:26 AM IST
शाहरुख खान
सुशील पांडेय, अमर उजाला, नोएडा
सुशील पांडेय, अमर उजाला, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 01 Jul 2019 10:26 AM IST
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नोएडा के सेक्टर 78-79 में थ्रीसी बिल्डर के स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट में निवेश कर चुके सैकड़ों निवेशक फंस सकते हैं। नोएडा प्राधिकरण ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) से थ्रीसी के स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द करने की सिफारिश कर दी है। अगर रेरा पंजीकरण रद्द कर देता है तो थ्रीसी के करीब 600 निवेशकों की परेशानी बढ़ जाएगी।
यही नहीं स्पोर्ट्स सिटी के अन्य बिल्डरों के फ्लैटों में निवेश कर चुके करीब 5000 फ्लैट खरीदारों को भी खेल सुविधा मिलने पर भी संशय गहरा जाएगा। नोएडा प्राधिकरण की बिल्डरों के मामले में पहली बड़ी कार्रवाई है।
वर्ष 2009-10 में नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-78-79 में थ्रीसी बिल्डर को स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने के लिए सस्ती दरों पर करीब 180 एकड़ जमीन का आवंटन किया था। प्रोजेक्ट में बिल्डर को सबसे पहले 70 प्रतिशत जमीन पर गोल्फ कोर्स, क्रिकेट स्टेडियम समेत अन्य खेल सुविधा विकसित करनी थी। वहीं 30 प्रतिशत जमीन पर फ्लैट और दुकानें बनानी थी।
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उसी दौरान फ्लैट आदि के लिए बतौर कंसोर्टियम पार्टनर करीब 10-12 बिल्डरों को इसी प्रोजेक्ट में 5 से 15 एकड़ तक जमीन दे दी गई। इसमें गौड़, महागुन, अजनारा, एग्जोटिका, आशियाना समेत अन्य बिल्डर शामिल हैं। इन बिल्डरों ने अपने फ्लैट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था।
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यही नहीं स्पोर्ट्स सिटी के अन्य बिल्डरों के फ्लैटों में निवेश कर चुके करीब 5000 फ्लैट खरीदारों को भी खेल सुविधा मिलने पर भी संशय गहरा जाएगा। नोएडा प्राधिकरण की बिल्डरों के मामले में पहली बड़ी कार्रवाई है।
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वर्ष 2009-10 में नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-78-79 में थ्रीसी बिल्डर को स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने के लिए सस्ती दरों पर करीब 180 एकड़ जमीन का आवंटन किया था। प्रोजेक्ट में बिल्डर को सबसे पहले 70 प्रतिशत जमीन पर गोल्फ कोर्स, क्रिकेट स्टेडियम समेत अन्य खेल सुविधा विकसित करनी थी। वहीं 30 प्रतिशत जमीन पर फ्लैट और दुकानें बनानी थी।
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उसी दौरान फ्लैट आदि के लिए बतौर कंसोर्टियम पार्टनर करीब 10-12 बिल्डरों को इसी प्रोजेक्ट में 5 से 15 एकड़ तक जमीन दे दी गई। इसमें गौड़, महागुन, अजनारा, एग्जोटिका, आशियाना समेत अन्य बिल्डर शामिल हैं। इन बिल्डरों ने अपने फ्लैट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था।
गौड़ के करीब 800 फ्लैट खरीदार वहां डेढ़ वर्ष से रह भी रहे हैं। अन्य बिल्डरों का काम भी चल रहा है। वहीं थ्रीसी का काम अटका हुआ है। प्रोजेक्ट में 70 प्रतिशत भूमि पर खेलों की सुविधा दिलाने का जिम्मा थ्रीसी पर ही था। जो पूरा नहीं किया गया है। यही वजह है कि प्राधिकरण ने थ्रीसी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है।
पंजीकरण रद्द होने पर छीन जाएगा प्रोजेक्ट
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अगर रेरा पंजीकरण रद्द करता है तो रेरा के नियमावली की अलग-अलग धाराओं के तहत खुद रेरा ही उक्त प्रोजेक्ट को टेकओवर कर सकता है। इसके बाद रेरा उक्त प्रोजेक्ट को नोएडा प्राधिकरण समेत किसी को भी हैंडओवर कर सकता है। इससे बिल्डर के हाथों से यह प्रोजेक्ट छीन जाएगा।
उन्नति फॉर्च्यून के मामले में रद्द हुआ था पंजीकरण
रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि उन्नति फॉर्च्यून बिल्डर के एक मामले में रेरा पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई पहले ही कर चुका है। रेरा की ओर से पंजीकरण रद्द होने के बाद बिल्डर के लिए उक्त प्रोजेक्ट की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
प्रोजेक्ट में किया गया था इन सुविधाओं का वादा
नोएडा के चारों स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट में पहली प्राथमिकता के आधार पर खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य किया जाना है। इसमें गोल्फ के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा, क्रिकेट स्टेडियम, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, टेनिस, लॉन टेनिस, हॉकी, स्वीमिंग, एथलेटिक्स, स्क्वैश सहित अन्य खेलों की सुविधा के लिए निर्माण कराना था। इसके बाद अन्य निर्माण करने थे। लेकिन बिल्डरों ने पहले आवासीय और दुकानों पर फोकस किया है और खेलों की सुविधा को छोड़कर बाकी सबकुछ का निर्माण कर दिया। इससे प्रोजेक्ट की अहमियत खत्म हो गई।
पंजीकरण रद्द होने पर छीन जाएगा प्रोजेक्ट
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अगर रेरा पंजीकरण रद्द करता है तो रेरा के नियमावली की अलग-अलग धाराओं के तहत खुद रेरा ही उक्त प्रोजेक्ट को टेकओवर कर सकता है। इसके बाद रेरा उक्त प्रोजेक्ट को नोएडा प्राधिकरण समेत किसी को भी हैंडओवर कर सकता है। इससे बिल्डर के हाथों से यह प्रोजेक्ट छीन जाएगा।
उन्नति फॉर्च्यून के मामले में रद्द हुआ था पंजीकरण
रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि उन्नति फॉर्च्यून बिल्डर के एक मामले में रेरा पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई पहले ही कर चुका है। रेरा की ओर से पंजीकरण रद्द होने के बाद बिल्डर के लिए उक्त प्रोजेक्ट की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
प्रोजेक्ट में किया गया था इन सुविधाओं का वादा
नोएडा के चारों स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट में पहली प्राथमिकता के आधार पर खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य किया जाना है। इसमें गोल्फ के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा, क्रिकेट स्टेडियम, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, टेनिस, लॉन टेनिस, हॉकी, स्वीमिंग, एथलेटिक्स, स्क्वैश सहित अन्य खेलों की सुविधा के लिए निर्माण कराना था। इसके बाद अन्य निर्माण करने थे। लेकिन बिल्डरों ने पहले आवासीय और दुकानों पर फोकस किया है और खेलों की सुविधा को छोड़कर बाकी सबकुछ का निर्माण कर दिया। इससे प्रोजेक्ट की अहमियत खत्म हो गई।
एक अन्य मामले में थ्री सी के खिलाफ आरसी जारी
नोएडा प्राधिकरण ने एक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में बकाये के मामले में थ्री सी के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी की है। अब बिल्डर से बकाये की वसूली की कार्रवाई जिला प्रशासन करेगा। इसमें मुनादी चलवाने से लेकर नीलामी और बिल्डर की गिरफ्तारी तक संभव है। आरसी के मामले में प्राधिकरण की यह चौथी कार्रवाई है।
स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट पर सीएजी ने भी उठाए हैं सवाल
नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के आवंटन पर सीएजी ने भी सवाल उठाए हैं। इसमें सेक्टर-78, 79, 150 और 152 में स्पोर्ट्स सिटी के लिए आवंटित जमीनों पर नोएडा प्राधिकरण से जवाब मांगा गया है। यहां खेलों की सुविधा के अलावा आवासीय इमारतें भी बनानी थीं। लेकिन अधिकारियों को वहां के हालात की पूरी जानकारी अभी नहीं है। 2021 तक इनका काम पूरा होना है। यहां खेलों की सुविधा के अलावा रहने के लिए बहुमंजिला इमारतों में रहने की सुविधा देने का वादा किया गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने थ्रीसी बिल्डर के सेक्टर-78-79 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द करने की सिफारिश की है। अब रेरा बिल्डर को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर बिल्डर के इस प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। इसके बाद उक्त प्रोजेक्ट बिल्डर के हाथों से छीन जाएगा। - बलविंदर कुमार, सदस्य, रेरा, ग्रेटर नोएडा
स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट पर सीएजी ने भी उठाए हैं सवाल
नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के आवंटन पर सीएजी ने भी सवाल उठाए हैं। इसमें सेक्टर-78, 79, 150 और 152 में स्पोर्ट्स सिटी के लिए आवंटित जमीनों पर नोएडा प्राधिकरण से जवाब मांगा गया है। यहां खेलों की सुविधा के अलावा आवासीय इमारतें भी बनानी थीं। लेकिन अधिकारियों को वहां के हालात की पूरी जानकारी अभी नहीं है। 2021 तक इनका काम पूरा होना है। यहां खेलों की सुविधा के अलावा रहने के लिए बहुमंजिला इमारतों में रहने की सुविधा देने का वादा किया गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने थ्रीसी बिल्डर के सेक्टर-78-79 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द करने की सिफारिश की है। अब रेरा बिल्डर को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर बिल्डर के इस प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। इसके बाद उक्त प्रोजेक्ट बिल्डर के हाथों से छीन जाएगा। - बलविंदर कुमार, सदस्य, रेरा, ग्रेटर नोएडा
- स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट-78, 79, 150 और 152
- थ्रीसी को दी गई जमीन- सेक्टर-150 व 78-79
- सेक्टर-78-79 में जमीन का क्षेत्रफल - 7.25 लाख वर्गमीटर
- खेलों की सुविधा देनी है - 70 प्रतिशत भूमि पर
- फ्लैट होंगे - 28 फीसदी जमीन पर
- दुकानें- 2 प्रतिशत जमीन पर
- स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के ग्रुप हाउसिंग में शामिल हैं 10-12 बिल्डर
- थ्रीसी को दी गई जमीन- सेक्टर-150 व 78-79
- सेक्टर-78-79 में जमीन का क्षेत्रफल - 7.25 लाख वर्गमीटर
- खेलों की सुविधा देनी है - 70 प्रतिशत भूमि पर
- फ्लैट होंगे - 28 फीसदी जमीन पर
- दुकानें- 2 प्रतिशत जमीन पर
- स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के ग्रुप हाउसिंग में शामिल हैं 10-12 बिल्डर