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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   5.56 lakh cards issued, but women still travel on pink bus tickets

Delhi NCR News: 5.56 लाख कार्ड जारी, लेकिन बसों में अब भी गुलाबी टिकटों पर महिलाएं कर रहीं सफर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 07:32 PM IST
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-महिलाओं के लिए फ्री यात्रा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी
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-जुलाई से पिंक स्मार्ट कार्ड अनिवार्य करने पर हो रहा विचार

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। राजधानी में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिल्ली सरकार और डीटीसी की कोशिशों को फिलहाल अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। मार्च में शुरू की गई पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना के तहत अब तक करीब 5.56 लाख कार्ड जारी किए जा चुके हैं, लेकिन डीटीसी के आंकड़े बताते हैं कि रोजाना यात्रा करने वाली महिला यात्रियों में से केवल 5 से 6 प्रतिशत ही इन कार्डों का इस्तेमाल कर रही हैं। ज्यादातर महिलाएं अब भी पुराने पिंक टिकट के जरिये मुफ्त सफर कर रही हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 2 मार्च को इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य 2019 में शुरू हुई पिंक टिकट व्यवस्था को केंद्र सरकार की वन नेशन, वन कार्ड नीति से जोड़ते हुए डिजिटल प्रणाली में बदलना हैं। इसके जरिये यह सुनिश्चित करना भी था कि केवल दिल्ली में रहने वाली 12 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं ही मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकें। डीटीसी अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में रोजाना औसतन 23 लाख लोग बसों में सफर करते हैं, जिनमें 6 से 7 लाख महिला यात्री होती हैं। इसके बावजूद प्रतिदिन केवल 6,000 से 8,000 महिलाएं ही पिंक स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में महिला यात्री अब भी कंडक्टर से पिंक टिकट लेकर सफर कर रही हैं।
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डीटीसी शुरू करेगा सर्वे : पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के कम इस्तेमाल को लेकर डीटीसी कारण तलाशने में जुट गई है। इसके लिए अगले महीने से सर्वे शुरू करने की तैयारी है। सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि महिलाएं कार्ड न होने के कारण इसका इस्तेमाल नहीं कर रहीं, वे दूसरे राज्यों से हैं या फिर बस कंडक्टर ही यात्रियों को कार्ड टैप कराने के लिए नहीं कह रहे हैं। इसके अलावा डीटीसी बसों में औचक निरीक्षण भी करेगी ताकि यह देखा जा सके कि नियमों का पालन किस स्तर पर नहीं हो रहा। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकार जुलाई से मुफ्त यात्रा के लिए पिंक स्मार्ट कार्ड को अनिवार्य बनाने की तैयारी कर रही है। उससे पहले मई और जून में बसों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं डिजिटल कार्ड का उपयोग शुरू करें। दिल्ली सरकार का मानना है कि पूरी टिकटिंग प्रणाली के डिजिटल होने से राजस्व निगरानी आसान होगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले ही कह चुकी हैं कि डीटीसी को करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और अब टिकटिंग सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा।
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