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राजधानी में 5200 पाकिस्तानी: दिल्ली में अधिकतर पाकिस्तानियों का पता 'अस्पताल', इलाज कराने आए थे; अब हैं लापता

Tue, 29 Apr 2025 03:59 PM IST
विकास कुमार पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Tue, 29 Apr 2025 03:59 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंटेलीजेंस ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस को एक लिस्ट सौंपी है। इसमें करीब 5200 पाकिस्तानी नागरिकों के नाम हैं। इन लोगों को जल्द से जल्द अपने देश लौटने के लिए कहा गया है। 

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5200 Pakistani citizens in Delhi most of them address hospital
अधिकतर पाकिस्तानियों का पता है अस्पताल - फोटो : Freepik

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आए ज्यादातर पाकिस्तानियों का पता दिल्ली के अस्पताल हैं। ये यहां इलाज कराने आए थे और उसके बाद गायब हो गए हैं। इंटेलीजेंस ब्यूरो और फॉरेन रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) ने दिल्ली पुलिस को पाकिस्तानियों की जो सूची दी है, उसमें दिल्ली आए पाकिस्तानियों का पता यहां के अस्पताल हैं। साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के पते पर करीब 55 से 60 पाकिस्तानी हाल ही में दिल्ली आए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये पाकिस्तानी न तो अस्पताल में भर्ती हैं और न ही इनका कुछ पता है।

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नहीं चला एक भी पाकिस्तानी का पता
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई अस्पतालों से बात कर पाकिस्तानियों का पता किया जा रहा है। दक्षिण जिले के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानियों का पता करने के लिए दक्षिण जिला पुलिस जोर-शोर से वेरीफिकेशन अभियान चला रही है। हालांकि दक्षिण जिला पुलिस सोमवार शाम तक एक भी पाकिस्तानी को पकड़ नहीं पाई थी। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी दिल्ली के अन्य अस्पतालों के पते पर आए हैं।

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देश में 60 हजार से अधिक पाकिस्तानी
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंटेलीजेंस ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस को एक लिस्ट सौंपी है। इसमें करीब 5200 पाकिस्तानी नागरिकों के नाम हैं। इन लोगों को जल्द से जल्द अपने देश लौटने के लिए कहा गया है। ये दिल्ली में ओवर स्टे कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट्स पर हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने यह निर्देश दिए हैं। एफआरआरओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरे देश में करीब 60 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक हैं।

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स्पेशल ब्रांच को दी लिस्ट
फॉरेन रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस ने ये लिस्ट दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच को दी थी। बाद में अलग-अलग जिला पुलिस उपायुक्तों को सूची दी गई है, ताकि पाकिस्तानियों का पता किया जा सके। सूत्रों की मानें तो लिस्ट में उन पाकिस्तानी हिंदू नागरिकों के नाम भी हैं जिनके पास लॉन्ग टर्म वीजा हैं। सूत्रों की मानें तो सरकार ने साफ किया है कि जिनके पास लॉन्ग टर्म वीजा हैं, उन पर ये नया नियम लागू नहीं होगा।

तुरंत वेरिफिकेशन करने को कहा गया
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जिला पुलिस उपायुक्तों ने ये सूची सभी थानाध्यक्षों व यूनिट प्रमुखों को दे दी है। सभी थानाध्यक्षों ने अपने थाना क्षेत्र में रहने वाले पाकिस्तानियों का पता लगाने के लिए जोर-शोर से अभियान चला रखा है। सूत्रों के मुताबिक ये लिस्ट मिलने के बाद दिल्ली के सभी जिलों के अधिकारियों को तुरंत वेरिफिकेशन करने को कहा गया है। खासकर मध्य दिल्ली, जामिया नगर और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में सबसे ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं।

आईबी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई
इसके अलावा दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे इन लोगों की डिटेल्स एकत्रित करें और उन्हें जल्द से जल्द भारत छोड़ने के लिए कहें। सूत्रों ने ये भी बताया कि कई पाकिस्तानी नागरिक पहले ही वापस लौट चुके हैं।

2014 से पहले के अल्पसंख्यक को दी जा रही नागरिकता
आदेशों में कहा गया है कि 2014 से पहले पाकिस्तान से जो हिंदू, सिख, बौद्ध व जैन भारत आ गए हैं उनको भारत की नागरिकता दी जा रही है। इन लोगों का पाकिस्तान में धार्मिक रूप से उत्पीड़न किया गया। दिल्ली से पाकिस्तानी हिंदू आदि मजनू का टीला, वसंत विहार व बाहरी दिल्ली में रह रहे हैं।

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