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हर वर्ष 50 करोड़ टीके की खुराक का होगा उत्पादन
Mon, 16 Sep 2019 06:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 16 Sep 2019 06:30 AM IST
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टीके को लेकर भ्रांतियां न फैलाए
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की प्रयोगशाला का उद्घाटन किया है। इस प्रयोगशाला में हर वर्ष 50 करोड़ से ज्यादा टीके की खुराक का उत्पादन होगा। बताया जा रहा है कि दुनिया में इतनी बड़ी क्षमता वाली पहली प्रयोगशाला होगी। नवंबर में यहां उत्पादन शुरू हो जाएगा। मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज का उत्पादन सबसे ज्यादा रहेगा।
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एसआईआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदर पूनावाला ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा और टीकाकरण के उत्पादन की क्षमता वाला यह नया संयंत्र उसी दिशा में एक कदम है। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश के लोगों का स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है।
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मंजरी में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के नए संयंत्र जैसी पहल अहम भूमिका निभाएगी। इस दौरान बताया गया कि हाल ही में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने अमेरिका के साथ मिलकर एक थर्मोस्टेबल रोटावायरस टीका विकसित किया था।
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इसे एक क्रांतिकारी उपलब्धि माना जा रहा है। यह टीका अनियमित तापमानों में भी स्थिर रहता है और लंबी अवधि तक काम कर सकता है। रोटासिल नामक यह टीका 25 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर 30 महीने तक स्थिर रह सकता है।