राजौरी गार्डन उपचुनाव: शांतिपूर्वक मतदान संपंन, 47 फीसदी ने किया मतदान
दिल्ली की एक विधानसभा सीट राजौरी गार्डन उपचुनाव पर उतरे उम्मीदवारों का भाग्य शनिवार को इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गया। रविवार सुबह आठ बजे से शुरू हुआ मतदान के दौरान दिनभर छिटपुट घटनाओं को छोड़ दे तो पूरी मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपंन हो गई।
मगर मतदाताओं का उपचुनाव में बीते चुनाव जैसा जोश नहीं दिखा। यही वजह रहा कि उपचुनाव में महज 47 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। जबकि 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर 72.02 फीसदी ने मतदान किया था। जो इस बार 35 फीसदी कम है।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक रविवार सुबह से लेकर शाम छह बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलती रही। छह बजे के बाद भी कई बूथ पर लोगों की कतार रही जो कि सात बजे तक खत्म चली।
सभी पोलिंग बूथ पर इस बार ईवीएम के साथ वोटर वेरीफिकेशन पेरिफेरल ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) लगाया था। इसे लेकर भी कई पोलिंग बूथ पर दिक्कतें आई थी। बताया जा रहा है कि कुल 35 से 38 जगहों पर वीवीपीएटी को बदला गया।
इसी तरह छह जगह पर गड़बड़ी और शिकायतों के बाद ईवीएम मशीन को भी बदला गया। बताया जा रहा है कि कुछ पोलिंग बूथ पर मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में नहीं होने को लेकर नोकझोक भी हुई।
आठ बजे से 11 बजे से तक महज 11 फीसदी वोट
छुट्टी वाला दिन होने और गरमी के चलते सुबह की पाली में मतदाताओं ने जोश नहीं दिखाया। सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ तो सुबह 11 बजे तक महज 11 फीसदी ने वोट किया।
दोपहर एक बजे 20 फीसदी ने वोट किया। दोपहर बाद थोड़ी तेजी आई तो 3 बजे तक 35 फीसदी ने मतदान कर दिया था। मगर पांच बजे तक मतदान करने वालों का आंकड़ा 43 फीसदी तक पहुंचा। शाम होते-होते यह संख्या 47 फीसदी तक ही पहुंच पाई।
बीते विधानसभा चुनावों के आंकड़ों नजर डाले तो यहां का वोटर्स जमकर वोट बरसाया था। 2015 में यहां 72 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था तो 2013 केविधानसभा में इस सीट पर 68.94 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। मगर इस बार राजौरी गार्डन के मतदाता 50 फीसदी से भी कम मतदान करके सेकेंड डिविजन पास हुए है।