Delhi: लोकनायक में कोरोना से बचाव के लिए 450 बेड का आइसोलेशन वॉर्ड तैयार, स्वास्थ्य मंत्री ने लिया जायजा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोकनायक में दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग उपचार करवाने आते हैं। यहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही है।
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कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ लंबी बीमारी से पीड़ित और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें भीड़ वाली जगहों पर न जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अन्य लोगों को मास्क का प्रयोग करने को कहा गया है। दिल्ली में कुछ दिन से कोरोना के मामलों में तेजी का रुख है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़कर 100 के करीब पहुंच गई है, जो इस साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
कोरोना के उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेने स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज सोमवार को लोकनायक अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोविड वार्ड, ओपीडी सहित पीडियाट्रिक वार्ड का दौरा किया। साथ ही मरीजों से मुलाकात कर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। अस्पताल में बिस्तरों की उपलब्धता, चिकित्साकर्मी, जांच की क्षमता, चिकित्सकीय उपकरण एवं चिकित्सकीय ऑक्सीजन उपलब्धता समेत अन्य पहलुओं का जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने स्टाफ को निर्देश दिए कि इलाज के लिए आने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले। साथ ही मरीजों की बीमारी की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर इलाज दिया जाए।
मंत्री ने कहा कि अस्पताल में बेड, आईसीयू में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर सभी की सुविधा उपलब्ध है। कोरोना से बचाव के लिए अस्पताल में 450 बेड का आइसोलेशन वॉर्ड बनाया गया है, जो स्टेबल मरीज हैं उनके लिए अलग से आइसोलेशन वॉर्ड की व्यवस्था है। फिलहाल जितने मरीज भर्ती हैं, उनमें से ज्यादातर मरीज ठीक हो रहे हैं। मृत्यु सिर्फ उन्हीं मामलों में हो रही हैं, जिन मरीजों की डायबिटीज बढ़ी हुई है या जो डायलिसिस पर हैं।
मंत्री ने कहा कि लोकनायक में दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग उपचार करवाने आते हैं। यहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही है। वहीं डॉक्टरों ने मंत्री को बताया कि अस्पताल में कोरोना की पिछली लहर में ऑक्सीजन की उपलब्धता 5 टन थी, जो बढ़ाकर 50 टन हो गई है। इसमें से केवल चार टन ऑक्सीजन ही इस्तेमाल हो रही है।
रोज कर रहे निगरानी
मंत्री ने कहा कि कोरोना की स्थिति को रोजाना मॉनिटर किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन को पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी तैयारियों को बरकरार रखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टर ने बताया कि जो मरीज घरों पर हैं उन्हें भी टेली मेडिसिन के माध्यम से उपचार की सुविधा दी जा रही है। फोन के माध्यम से उनका हालचाल लिया जा रहा है।
पैसे लेकर नहीं मिलता उपचार
सफदरजंग अस्पताल में पैसे लेकर इलाज करने के रैकेट का खुलासा होने के बाद मंत्री ने दिल्ली के अस्पतालों की हकीकत जानी। इस तरह की शिकायतें दिल्ली सरकार के अस्पतालों के खिलाफ नहीं मिली हैं बावजूद इस मामले की गंभीरता को देखते हुए और दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इस तरह की गतिविधियां न पनपने पाएं, इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर हमने अस्पताल प्रबंधन से मिलकर प्लान भी बनाया है कि जो भी सर्जरी होगी, उसके साथ लिखा जाएगा कि मरीज अस्पताल में कब आया है। उसे पंक्ति व बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इलाज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोई दलाल मरीजों से वसूली तो नहीं कर रहा, इसे लेकर निरीक्षण के दौरान मरीजों से बातचीत की।