ओपीडी में कुत्ते, एक बेड पर तीन मरीज
देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसा अस्पताल भी है जहां कुत्ते और कचरा जैसी चीजें मरीजों के साथ रहते हैं। ये हाल है उत्तरी दिल्ली के बड़ा राव हिंदू अस्पताल की जहां आपको कुत्ते घूमते और एक बेड पर तीन मरीज सोते हुए मिल जाएंगे।
अंग्रेजी दैनिक द हिंदु में छपी खबर के अनुसार अस्पताल की इस स्थिति का खुलासा बृहस्पतिवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगर में कांग्रेस के एक पार्षद ने किया। हेल्थ कमेटी के बुधवार को किए गए एक नीरिक्षण में अस्पताल में अनियमितताएं सामने आई थीं।
कांग्रेस का पार्षद और हेल्थ कमेटी के सदस्य सतबीर शर्मा ने बताया कि, उन्हें यह देखकर बहुत आश्चर्य हुआ कि तीन गर्भवति महिलाएं एक ही बेड पर लेटी हैं और वहां हर जगह कुत्ते घूम रहे हैं और कूड़ा पानी के पाइपलाइन के पास फेंका हुआ है।
शर्मा ने आगे कहा कि लगभग एक करोड़ की दवाएं केंद्रीय स्टोर से हटाकर अस्पताल के किसी दूसरे कमरे में सील करके रखी हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल के कर्मचारी दवाईयों को हटाकर उसे मार्केट में बेचना चाहते हैं।
महिला शौचालय की टूटी हैं खिड़कियां
अस्पताल के मुद्दे पर पर विवाद खड़ा करते हुए कांग्रेस पार्षदों ने बृहस्पतिवार को सदन में खूब हंगामा मचाकर सदन की कार्यवाही में बाधा पैदा की। विपक्ष के नेता मुकेश गोयल ने बताया कि अस्पताल में मरीज बहुत बुरी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि महिला शौचालय की खिड़कियों के शीशे टूटे होने के साथ ही खुले बिजली के तार और गंदगी भी यहां मिल जाएगी।
हालांकि सदन में कांग्रेस ने अस्पताल से जुड़ी जितनी भी तस्वीरें दिखाईं उसका बीजेपी ने खंडन नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल सरकारी है और इसमें 1200 के लगभग मरीज रोज आते हैं, इसलिए सुविधाएं प्रदान करने का एक बड़ा दबाव रहता है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी अस्पताल होने के चलते किसी मरीज को वापस भी नहीं लौटाया जा सकता है। हालांकि मेयर योगिंदर चंदौलिया ने कहा कि कांग्रेस ने ये मुद्दा सही तरीके से नहीं उठाया। वैसे इस पूरे हंगामे के बीच अस्पताल की तस्वीरों के बारे में पूछे गए सवाल का पक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया।