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Delhi NCR News: सड़क हादसे में घायल महिला को 2.18 लाख रुपये का मुआवजा
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- 31 मई 2019 की रात ककरोला इलाके में महिला अपने पति के साथ सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल उनसे टकरा गई
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने एक गृहिणी झरना देवी को सड़क हादसे में लगी चोट के लिए 2 लाख 18 हजार रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी सुदिप राज सैनी ने सुनवाई के दौरान पाया कि हादसा पूरी तरह मोटरसाइकिल चालक की लापरवाही की वजह से हुआ। मुआवजे में दवा-इलाज के लिए 68,845 रुपये, कमाई के नुकसान के लिए 43,404 रुपये लगे। इसके अलावा खाने-पीने, सफर और देखभाल के लिए 20-20 हजार रुपये और दर्द-तकलीफ व मानसिक सदमे के लिए 45 हजार रुपये शामिल हैं। टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी को लगभग 3.27 लाख रुपये (ब्याज सहित) तुरंत झरना देवी को देने का आदेश दिया गया है। कंपनी बाद में यह रकम मोटरसाइकिल चालक विक्रांत राजपूत से वसूल सकती है क्योंकि उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। अदालत ने 50 फीसदी राशि तुरंत और बाकी 50 फीसदी एक साल के लिए एफडीआर में रखने का निर्देश भी दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने एक गृहिणी झरना देवी को सड़क हादसे में लगी चोट के लिए 2 लाख 18 हजार रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी सुदिप राज सैनी ने सुनवाई के दौरान पाया कि हादसा पूरी तरह मोटरसाइकिल चालक की लापरवाही की वजह से हुआ। मुआवजे में दवा-इलाज के लिए 68,845 रुपये, कमाई के नुकसान के लिए 43,404 रुपये लगे। इसके अलावा खाने-पीने, सफर और देखभाल के लिए 20-20 हजार रुपये और दर्द-तकलीफ व मानसिक सदमे के लिए 45 हजार रुपये शामिल हैं। टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी को लगभग 3.27 लाख रुपये (ब्याज सहित) तुरंत झरना देवी को देने का आदेश दिया गया है। कंपनी बाद में यह रकम मोटरसाइकिल चालक विक्रांत राजपूत से वसूल सकती है क्योंकि उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। अदालत ने 50 फीसदी राशि तुरंत और बाकी 50 फीसदी एक साल के लिए एफडीआर में रखने का निर्देश भी दिया।