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दिल्ली: हक मांगने के लिए सड़कों पर उतरीं 15 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सचिवालय का किया घेराव

Wed, 09 Mar 2022 04:43 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Wed, 09 Mar 2022 04:43 AM IST
सार

दिल्ली स्टेट आंगनबाड़ी यूनियन की प्रियम्बदा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण रैली को रोकने का प्रयास किया। रास्ते में कई जगहों पर मोटे रस्सों से बैरिकेडिंग लगाई गई। यूनियन ने पुलिस से बैरिकेड हटाने की अपील की, लेकिन रास्ता नहीं खोला गया।

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15 thousand Anganwadi workers took to streets to demand rights surrounded secretariat
प्रदर्शन करते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मंगलवार को राजधानी में कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मान से नवाजा गया, लेकिन 37 दिन से सिविल लाइंस इलाके में धरने पर बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आक्रोशित हो गईं। एक ओर पुरस्कारों की बारिश हुई तो, दूसरी ओर आक्रोश की आंधी चली। कार्यकर्ताओं ने राजघाट से सचिवालय जाते समय बैरिकेडिंग भी ध्वस्त कर दी।

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स्थायी नौकरी और मानदेय बढ़ाने जैसी मांगों के लिए 37 दिन से धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राजघाट से दिल्ली सचिवालय तक आंगनबाड़ी स्त्री अधिकार रैली निकाली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हजारों महिलाओं ने सचिवालय का घेराव किया और हड़ताल जारी रखने का एलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
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दिल्ली स्टेट आंगनबाड़ी यूनियन की प्रियम्बदा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण रैली को रोकने का प्रयास किया। रास्ते में कई जगहों पर मोटे रस्सों से बैरिकेडिंग लगाई गई। यूनियन ने पुलिस से बैरिकेड हटाने की अपील की, लेकिन रास्ता नहीं खोला गया। फिर महिला कर्मियों ने खुद ही बैरिकेड हटाए और आगे बढ़ते हुए दिल्ली सचिवालय पहुंचीं। यहां उन्होंने सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत करने की अपील की। उनका कहना है कि सरकार की ओर से उनसे कोई मिलने नहीं आया। लाल कपड़े पहने और हाथों में लाल झंडे लिए महिलाएं घंटों तक सचिवालय पर बैठी रहीं।
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यूनियन की अध्यक्ष शिवानी ने कहा कि दिल्ली सरकार और महिला एवं दिल्ली बाल विकास विभाग के लोग सोमवार से ही लगातार दावे कर रहे थे कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन मंगलवार को करीब 15 हजार कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर दिल्ली सरकार को उनसे वार्तालाप के लिए चुनौती दी। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और विभाग के अधिकारी लगातार ये झूठ बोल रहे हैं कि आंगनबाड़ी यूनियन उनसे वार्ता करने नहीं आती हैं, जबकि हमारी यूनियन ने अपनी हड़ताल के शुरुआती दिनों से ही उनसे द्विपक्षीय वार्ता का प्रयास किया। दिल्ली सरकार के मंत्री और अधिकारी बातचीत से भाग रहे हैं और निरंतर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं।

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