{"_id":"6ab02c87e3917eaa1e01c794","slug":"145-inmates-took-the-class-3-examination-under-the-ullas-program-delhi-ncr-news-c-25-1-mwt1001-115688-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: उल्लास कार्यक्रम के तहत 145 बंदियों ने दी तीसरी कक्षा की परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: उल्लास कार्यक्रम के तहत 145 बंदियों ने दी तीसरी कक्षा की परीक्षा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह।
जिला कारागार नूंह में शिक्षा विभाग के सहयोग से उल्लास कार्यक्रम के तहत बंदियों को शिक्षा से जोड़ने की मुहिम जारी है। इसी कड़ी में जेल परिसर में तीसरी कक्षा की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 142 पुरुष और तीन महिला बंदियों समेत कुल 145 बंदियों ने परीक्षा दी।जेल अधीक्षक बिमला देवी ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा से वंचित वयस्कों को पढ़ने-लिखने का अवसर प्रदान करना है। इसके तहत बंदियों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बुनियादी साक्षरता के तहत पढ़ना, लिखना और समझना, जबकि संख्यात्मक ज्ञान के तहत सामान्य गणित एवं दैनिक जीवन में गणना सिखाई जाती है। इसके अलावा डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के माध्यम से मोबाइल, इंटरनेट, बैंकिंग, बचत और डिजिटल भुगतान की जानकारी दी जाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को शिक्षा के माध्यम से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।
फोटो - कार्यक्रम में भाग लेते बंदी
विज्ञापन
नूंह।
जिला कारागार नूंह में शिक्षा विभाग के सहयोग से उल्लास कार्यक्रम के तहत बंदियों को शिक्षा से जोड़ने की मुहिम जारी है। इसी कड़ी में जेल परिसर में तीसरी कक्षा की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 142 पुरुष और तीन महिला बंदियों समेत कुल 145 बंदियों ने परीक्षा दी।जेल अधीक्षक बिमला देवी ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा से वंचित वयस्कों को पढ़ने-लिखने का अवसर प्रदान करना है। इसके तहत बंदियों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बुनियादी साक्षरता के तहत पढ़ना, लिखना और समझना, जबकि संख्यात्मक ज्ञान के तहत सामान्य गणित एवं दैनिक जीवन में गणना सिखाई जाती है। इसके अलावा डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के माध्यम से मोबाइल, इंटरनेट, बैंकिंग, बचत और डिजिटल भुगतान की जानकारी दी जाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को शिक्षा के माध्यम से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।
फोटो - कार्यक्रम में भाग लेते बंदी