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लू की चपेट में दिल्ली-एनसीआर: 24 घंटे में 50 लोगों की मौत, राजधानी में 310 मरीज भर्ती; देखें आंकड़े

Thu, 20 Jun 2024 12:12 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 20 Jun 2024 12:12 AM IST
सार

दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी से हाहाकर मचा हुआ है। दिल्ली में 14, नोएडा में 14 और गाजियाबाद में लू की चपेट में आने से 22 लोगों की मौत हो चुकी है। आशंका है कि मौत का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

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50 people died due to heat wave in Delhi Noida and Ghaziabad
गर्मी का कहर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में भीषण गर्मी कहर बरपा रही है। इससे अस्पतालों में लू के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बीते दो दिन में लू के 22 मरीज भर्ती हुए। इनमें से पांच की मौत हो गई, जबकि 13 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। सफदरजंग अस्पताल में इस महीने लू से परेशान 60 मरीज आए। इनमें से दो की मौत हो गई, जबकि 42 को भर्ती कराया गया है।

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दिल्ली सरकार के एलएनजेपी अस्पताल में दो दिन में लू से चार मरीजों की मौत हुई। वहीं, 16 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। एक निजी अस्पताल में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के बाद से हर दिन लू के 30 से 35 मामले सामने आए हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि लू से पीड़ित ज्यादातर मरीज मजदूर हैं। चिलचिलाती गर्मी में यह ज्यादा देर तक धूप में रहते हैं। इस दौरान उनको काम भी करना पड़ता है। बार-बार पानी पीने की फुर्सत भी नहीं मिलती। इससे वह कई बार निर्जलीकरण से गिर जाते हैं। इस दौरान उनको तेज बुखार भी हो जाता है। अमूमन इस तरह के मरीजों के शरीर का तापमान 106 से 107 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच जाता है। तत्काल इलाज न मिलने से इनकी मौत भी हो सकती है। ऐसे में इनको विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में गर्मी से 14 की मौत
गौतमबुद्ध नगर में पिछले 24 घंटे में अलग-अलग स्थानों पर करीब 14 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृत 14 में से  6 से 7 के करीब अज्ञात शव मिले हैं। आशंका है कि भीषण गर्मी की वजह से इन की मौत हुई है।

थाना सेक्टर 142, एक्सप्रेस वे थाना, थाना सेक्टर 24, थाना सेक्टर 58, कोतवाली 39, फेज 2 थाना, कोतवाली सेक्टर 126, फेज 1 थाना पुलिस को शव मिला है। सभी मामलों की पुलिस जांच कर रही है। मौत का सही कारण जानने के लिए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। 

गाजियाबाद में 22 की मौत
भीषण गर्मी से मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में जिले में 22 लोगों की मौत हुई है जिसमें से 16 लोगों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। बुधवार को अभी तक के सबसे अधिक 37 शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। इनमें 72 घंटे से रखे गए अज्ञात शव भी शामिल हैं।

105 डिग्री फारेनहाइट तापमान पर लू
मरीज के शरीर का तापमान अगर 105 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक रहता है और उसे कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं होती तो उसे लू का रोगी घोषित किया जाता है।

आरएमएल में विशेष यूनिट
दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में ऐसे मरीजों के शरीर को तत्काल ठंडा करने के लिए हीट स्ट्रोक यूनिट काम कर रही है। मरीजों को बर्फ और पानी से भरे स्नानघर में रखा जाता है। जब उनके शरीर का तापमान 102 डिग्री फारेनहाइट से नीचे चला जाता है, तो उन पर नजर रखी जाती है। यदि वे स्थिर हैं, तो उन्हें वार्ड में स्थानांतरित कर दिया जाता है, अन्यथा वेंटिलेटर पर रखा जाता है। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार की एक समिति है, जो बाद में मौतों की पुष्टि करती है।

गर्मी त्वचा, जोड़ों और गुर्दे को कर रही प्रभावित
लू से त्वचा, जोड़ों और गुर्दे सहित अन्य अंगों पर असर पड़ता है। तापमान बढ़ने पर कई लोगों को बार-बार बुखार आता है। यह ल्यूपस नाम की ऑटो इम्यून बीमारी है। गर्मी में अभी तक ल्यूपस के 10 मामले सामने आए हैं। इस बीमारी में शरीर का इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। चिकित्सकों का कहना है कि महिलाएं इससे ज्यादा बीमार होती हैं। वह भी 18-45 वर्ष की मां बनने की उम्र में।

भीषण गर्मी से बचाव के लिए डीडीएमए ने जारी किए दिशा निर्देश
भीषण गर्मी को लेकर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने दिल्ली वासियों को लू से बचने की सलाह दी है। क्योंकि इसके कारण शारीरिक तनाव हो सकता है, जिसके परिणाम स्वरूप मृत्यु भी हो सकती है। लू के प्रभाव को कम करने और हीट स्ट्रोक के गंभीर खतरे को रोकने के लिए महत्वपूर्ण उपाय करने की सलाह दी है।

यह दिए गए हैं सुझाव
-दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच धूप में बाहर जाने से बचें।
-भले ही प्यास न लगी हो, लेकिन बार-बार पर्याप्त पानी पियें।
-हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें।
-बाहर जाते समय चश्मा, छाता, टोपी, जूते का प्रयोग करें।
-जब बाहर का तापमान अधिक हो तो बाहर का काम करने से बचें।
-यात्रा करते समय अपने साथ पानी जरूर रखें।
-शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय का सेवन न करें। ।
-उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न खाएं।
-अपने सिर, गर्दन, चेहरे और अंगों पर नम कपड़े का भी उपयोग करें।
-पार्क किए गए वाहनों में बच्चे या पालतू जानवरों को न छोड़ें।
-चक्कर आने पर या बीमार महसूस करने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
-ओआरएस, घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें।
-जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें।
-घर को ठंडा रखें, पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें और रात में खिड़कियां खुली रखें।
-रात को गीले कपड़े पहनें और बार-बार ठंडे पानी से स्नान करें।
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