20 सेकेंड के बवंडर में 126 मकान ढहे, 20 घायल
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गुरुवार रात को आई तेज आंधी और बारिश के दौरान ईकोटेक-1 थाना क्षेत्र के अलीवर्दीपुर गांव के पुस्ता किनारे डूब क्षेत्र में बने 126 मकान ढह गए और कई क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों का दावा है कि पुस्ता किनारे क्षेत्र में करीब 20 सेकेंड के लिए आए बवंडर (चक्रवात) की चपेट में आने से यह नुकसान हुआ। मकानों के ढहने से 20 से अधिक लोग घायल हो गए। जिसमें उस्मान को गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहीं एक अन्य युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। मलबे में कई मवेशी भी दब गए हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक बवंडर की चपेट में आए सभी मकान पक्के थे।
शुक्रवार को प्रशासन की टीम ने अलीवर्दी पुर के डूब क्षेत्र का मुआयना किया है। टीम में एसडीएम दादरी अंजनी कुमार, एसपी देहात विनीत जायसवाल, सीओ पीयूष कुमार सिंह आदि अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों के मुताबिक कुलेसरा से बिसरख तक जाने वाला लगभग 7 किमी का पुस्ता है। इसके दोनों ओर डूब क्षेत्र है। शुक्रवार सुबह यहां बड़ी तादाद में गिरे हुए मकान दिखाई दे रहे थे।
पीड़ितों का कहना था कि बृहस्पतिवार देर शाम आई तेज बारिश और हवाओं के बीच लगभग 7:30 बजे यहां मात्र 20 सेकेंड के लिए बवंडर आया था। इसकी सबसे अधिक मार अलीवर्दीपुर गांव के पास पड़ी है। अखिलेश, खुशीराम, गीता, अजहरुद्दीन, दिनेश, फिरोज, सलमान, जहांगीर, गौरव, श्यौदान सिंह निवासी मथुरा, जितेंद्र आदि के मकान गिरे। वहीं, फर्रुखाबाद निवासी खुशीराम, अजहरुद्दीन, शकील, शेखर, राजुद्दीन, रेशमा, नजराना, निशा, परवीन, कासिम, मेहरू, नूरबानो आदि घायल हो गए।
कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे काटी रात
मकान ढहने से बेघर हुए 100 से ज्यादा लोगों को कड़ाके की सर्दी में पूरी रात खुले आसमान के नीचे काटनी पड़ी। वहीं आसपास रहने वाले भी अधिकांश लोगों ने बृहस्पतिवार रात जागकर रात काटी। लोग मलबे में दबे अपने सामान व मवेशियों को निकालने में जुटे रहे।
दर्ज हुई हैं कई एफआईआर, गिरफ्तारी भी की गईं : एसपी
डूब क्षेत्र में कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजरों व प्रॉपर्टी डीलर पर पूरे जिले में बड़ी संख्या में जिलाधिकारी के निर्देश पर दो माह पहले रिपोर्ट दर्ज की गईं थीं। कई पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर गिरफ्तारी भी की गई हैं। आगे भी कार्रवाई की जाएगी। - विनीत जायसवाल, एसपी देहात
अवैध निर्माण होने के कारण आर्थिक मदद में अड़चन : एसडीएम
जितने भी मकान गिरे हैं, सभी अवैध रूप से डूब क्षेत्र में बने थे। अवैध मकान गिरने पर सरकारी आर्थिक मदद का प्रावधान नहीं है। अन्यथा मकान गिरने पर एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। अलीवर्दी पुर में 126 मकान गिरे हैं और 20 लोग घायल हुए हैं। - अंजनी कुमार, एसडीएम, दादरी
हादसे के बाद बोल नहीं पा रहे खुशीराम, बेघर हुआ परिवार
ग्रेटर नोएडा। अलीवर्दी पुर गांव में परिवार के साथ रहने वाले फर्रुखाबाद निवासी खुशीराम का मकान गिर गया। हादसे में खुशीराम की गर्दन पर चोट लगी है। वह बोल नहीं पा रहे हैं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया था जहां से उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं, गोरखपुर निवासी गीता, पति व तीन बच्चों के साथ यहां रहती हैं। उसने दो माह पहले ही मकान बनाकर रहना शुरू किया था। उसके पति बीमारी के चलते घर पर रहते हैं और गीता एक कोठी में काम कर खर्च चलाती है। उसका मकान भी गिर गया और परिवार बेघर हो गया।
तेज आंधी से सीआरपीएफ शिविर में भी भारी क्षति
ग्रेटर नोएडा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल परिसर में बृहस्पतिवार शाम आई तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से सरकारी संपत्ति की भारी क्षति हुई है। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे, मुख्य द्वारों के पेड़, भवनों के शीशे, कूलर, पीएफ हट व मोर्चों के खिड़की एवं छतें, सोलर पैनल, प्लास्टिक कुर्सियां, स्ट्रीट लाइट, बिजली के तार, एक्सचेंज केबल आदि को क्षति पहुंची है। अधिकारियों को क्षति की रिपोर्ट भेज दी गई है। ब्यूरो
छपरौल के पास 20 से अधिक मकान गिरे, 5 घायल
दादरी। बृहस्पतिवार देर शाम बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरौला के पास बसी सूर्य सिटी कालोनी, नंद वाटिका और न्यू महेश कालोनी में भी 20 अधिक मकान गिर गए, जिसमें पांच से ज्यादा लोग घायल हो गए। छपरौला के पास सूर्य सिटी कॉलोनी में चंद्रपाल गुप्त का मकान गिर गया। जिसमें उनकी 12 वर्षीय बेटी गुड़िया घायल हो गई। इसी कॉलोनी में नोज और राधेश्याम का भी मकान गिर गया, जिसमें वे खुद घायल हो गए। जबकि अनिल का मकान गिरने से दो लोग घायल हो गए। धर्मवीर, शिवम, कैलाश, अरुण कुमार पांडेय, मांगेराम, सुधीर, सतेंद्र कुमार, कौशल्या, नरेंद्र कुमार आदि के मकान भी ओले व तूफान से ढह गए। परेशान लोगों का कहना है कि प्रशासन को फोन कर सूचना भी दी, लेकिन 18 घंटे बाद भी किसी ने सुध नहीं ली। ब्यूरो
38 खंभे टूटे, 9 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप्प
दादरी। बृहस्पतिवार शाम चली तेज हवाओं से चलते बिजली के खंभे व तार टूटने से नौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। गांव धर्मपुरा, कचैड़ा , बिश्नूली, खेड़ा, छपरौला में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इन गांवों में बिश्नूली फीडर से बिजली आपूर्ति हो रही है। इस फीडर क्षेत्र में बिजली के 38 खंभे टूट गए। इससे विभाग को करीब चार लाख का नुकसान हुआ है। शुक्रवार को विद्युत निगम की टीम ने टूटे पोल को चिह्नित कर काम शुरू कर दिया है। उपखंड अधिकारी मुकेश मुकीम का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।