दिल्ली विधानसभा चुनावः आप पर 12, कांग्रेस पर तीन और भाजपा के खिलाफ दो मुकदमे
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दिल्ली में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक पार्टियां नियमों को तोड़ने से बाज नहीं आ रही हैं, जबकि चुनाव आयोग की सख्ती के चलते लगातार इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन करने में आम आदमी पार्टी सबसे आगे है।
अब तक आप के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि तीन डीडी एंट्री भी दिल्ली पुलिस ने की हैं। कांग्रेस पर तीन और भाजपा के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए हैं। इनके अलावा दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के खिलाफ तीन और भाजपा के खिलाफ एक डीडी एंट्री की है।
दिल्ली चुनाव कार्यालय के अनुसार, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने पर 266 एफआईआर और 9 डीडी एंट्री की गई हैं। इसके अलावा 2.32 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है। आर्म्स एक्ट के तहत 222 एफआईआर और 242 लोगों को गिरफ्तार किया है।
131 किलोग्राम नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए हैं। बिना लाइसेंस के 300 हथियार और 345 कारतूस के अलावा आबकारी अधिनियम के तहत 593 दर्ज हुए। इसी अधिनियम के तहत अब तक दिल्ली पुलिस 599 लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।
अन्य धाराओं के तहत 3213 और दिल्ली पुलिस अधिनियम में 66656 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। पूरी दिल्ली में बीते 6 जनवरी को आचार संहिता लागू होने से लेकर 22 जनवरी तक 5.52 लाख होर्डिंग व बैनर आदि को हटाया गया।
बागियों की मनुहार में जुटीं तीनों पार्टियां
चुनाव में मौका नहीं मिलने से नाराज बागी नेताओं की मान मनौव्वल में तीनों ही शीर्ष पार्टियां जुटी हुई हैं। दो दिन से रूठने मनाने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को भी भाजपा, आप और कांग्रेस के कई बड़े वरिष्ठ नेता बागियों की चौखट पर पहुंचे और उनसे वापस पार्टी की गतिविधियों से जुड़ने की अपील की।
तीनों ही पार्टियों की ओर से उम्मीदवारों की सूची आने के बाद कई नेता बागी हो गए थे। आप से तीन तो भाजपा के चार चेहरे इस समय पार्टी से नाराज चल रहे हैं। कांग्रेस नेता भी कई बागियों के घर जाकर उन्हें प्रत्याशियों का समर्थन करने के लिए मना रहे हैं। इनमें से कुछ बागी नेता ऐसे भी हैं जिन्होंने दूसरे दल या फिर निर्दलीय पर्चा दाखिल कर अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को खुली चुनौती दे डाली है। ऐसे में पार्टियों के तमाम नेता इनके गुस्से को दूर कर नामांकन पत्र वापस लेने की मेहनत में जुटे दिखाई दे रहे हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, शुक्रवार तक ही नामांकन पत्र वापस लिए जाएंगे। इसलिए सभी पार्टियों के पास अब कुछ ही घंटों का समय शेष है। इसके बाद किसी भी प्रत्याशी का नामांकन पत्र वापस नहीं होगा। हालांकि, आखिरी वक्त में कई कद्दावर नेता नाम वापस भी ले सकते हैं।