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नशे के लिए उपयोग होने वाली 1.80 करोड़ की दवाइयां जब्त
Sat, 20 Jun 2020 05:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 20 Jun 2020 05:50 AM IST
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- फोटो : drugs
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की नारकोटिक्स सेल ने गैर-कानूनी रूप से रखी हुई 1.80 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की हैं। ये दवाएं कीर्ति नगर झुग्गी बस्ती में बनाए गए गोदाम में गैर-कानूनी रूप से रखी हुई थीं। बरामद दवाओं की गोलियां व सीरीप नशे करने के लिए काम आती हैं। पुलिस दवाइयों के मालिक की तलाश कर रही है और ये पता कर रही है कि दवाईयां किस उद्देश्य से लाई गई थीं और गोदाम में क्यों रखी हुई थी।
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अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंस्पेक्टर राममनोहर की टीम प्रतिबंधित व मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर नजर रखे हुए थे। इस टीम को 17 जून को सूचना मिली थी कि कीर्ति नगर झुग्गी बस्ती में बड़ी मात्रा में नशे की दवाईयां गैर-कानूनी रूप से रखी हुई हैं। इंस्पेक्टर राममनोहर की देखरेख में एसआई राकेश दूहान, हवलदार अशोक कुमार व संजय कुमार की टीम ने कीर्ति नगर में स्थित कमला नेहरू कैंप झुग्गी बस्ती में दबिश दी और झुग्गी नंबर 164ए में बनाए गए गोदाम से भारी मात्रा में रखी गई दवाएं बरामद कीं।
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पुलिस ने झुग्गी मालिक शरवण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गोदाम से साइकोट्रॉपिक पदार्थ व नाइट्रजापम के विभिन्न ब्रांड की 10. 46 लाख कैप्सूल व गोलियां बरामद की हैं। इनकी कीमत बाजार में 1.60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांड नाम की खांसी की दवाई के कोडीन फॉस्फेट सिरीप की 19560 बोतलें बरामद की गई है। इनकी कीमत लगभग 21 लाख रुपए है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद दवाईयां नशे करने के लिए काम आती हैं। पुलिस को गोदाम से दवाईयां का किसी तरह रिकार्ड व कागजात नहीं मिले। शरवण कुमार ने बताया कि उसके पास दो टाटा पिकअप है और उन्हीं से अपनी जीवनयापका चला रहा है।
करीब एक वर्ष पहले डीएसआईडीसी, कीर्ति नगर में ऑफिस चलाने वाले पवन अरोड़ा के संपर्क में आया। पवन दवाईयों का होलसेल विक्रेता है। उसने करीब छह महीने पहले 7500 रुपये प्रति माह में झुग्गी का एक हिस्सा पवन को दवाईयां रखने के लिए दिया था। पवन अरोड़ा ने भी दवाईयों के कागजात होने की बात से इंकार कर दिया।