केजरीवाल के करीबी लोगों ने खारिज की पुलिस की थ्योरी, कहा सीएम को फंसाने की है कोशिश
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मुख्य सचिव के साथ मारपीट के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को अदालत में दाखिल चार्जशीट में मुख्यमंत्री के बेहद करीबी बिभव कुमार को सरकारी गवाह बनाया है।
पुलिस के मुताबिक, बिभव ने कुछ ऐसे बयान दिए हैं, जिनके आधार पर उन्हें सरकारी गवाह बनाया गया है। पुलिस के पास इसकी ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग भी है। मामला सार्वजनिक होने के बाद बिभव कुमार ने सफाई दी। उन्होंने पुलिस पर गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया है।
दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ) हरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में बिभव कुमार, वीके जैन व विवेक यादव सरकारी गवाह बने हैं। तीनों लोगों ने केजरीवाल के खिलाफ बयान दिया है। इस दौरान दूसरी कई बातें भी इन्होंने बताई हैं, जिसके आधार पर इन्हें सरकारी गवाह बनाया गया है। हालांकि उन्होंने तीनों के दिए गए बयान पर कुछ कहने से मना कर दिया।
पुलिस मोदी के इशारे पर केजरीवाल को फंसा रही : बिभव
पुलिस का बयान आने के बाद बिभव कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अभी तक प्रधानमंत्री ने जितने केस उनके खिलाफ किए, सभी केस हार गए। अगर यह केस भी वह हार गए तो क्या दिल्लीवालों से माफी मांगेगे?
ट्विटर पर बिभव कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस मोदी के इशारे पर केजरीवाल जी को बदनाम करने के लिए झूठे केस में फंसाना चाहती है। पुलिस को भी यही बताया है और अदालत में भी यही कहूंगा। जहां जरूरत पड़ेगी, खुलकर कहूंगा कि यह मुख्यमंत्री के खिलाफ बड़ी साजिश है।
मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए बयान पर ही गवाह बनाया : पुलिस
बिभव कुमार की प्रतिक्रया पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि बेशक आप वह कुछ भी कह रहे हों। लेकिन मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए बयान के आधार पर ही उन्हें सरकारी गवाह बनाया गया है। पुलिस के पास इसकी वीडियो व ऑडियो रिकार्डिंग भी है। जरूरत पड़ने पर उसे अदालत के सामने रखा जाएगा।
आंदोलन के पहले से केजरीवाल के साथ जुड़े हैं बिभव
फिलहाल मुख्यमंत्री के निजी सचिव के पद की जिम्मेदारी निभा रहे बिभव कुमार जन लोकपाल आंदोलन के पहले से केजरीवाल के साथ जुड़े हुए हैं। अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया के बाद बिभव ही वह शख्स हैं, जिनकी पार्टी व सरकार दोनों में बराबर की दखल रही है। निजी सचिव का जिम्मा संभाल रहे बिभव केजरीवाल के साथ साए की तरह रहते हैं। दूसरी तरफ विवेक यादव मुख्यमंत्री की राजनीतिक सचिव हैं। दूसरी तरफ वीके जैन मुख्यमंत्री के सलाहकार रह चुके हैं।