शहर के देव नर्सिंग होम में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया। इसके बाद परिवार वालों को खुशी का ठिकाना न रहा। चारों बच्चे और महिला पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं। चारों बच्चों को फिलहाल देखरेख के लिए शहर के ही एक अन्य अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में रख गया है।
पहली बार जन्मे चार बच्चे
एक साथ चार बच्चों को जन्म देने का शहर में यह पहला मामला बताया गया है। बच्चों के परिवार के सदस्यों में चार बच्चों के जन्म को लेकर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। देहरादून-दिल्ली हाईवे पर स्थित देव नर्सिंग होम में प्रसव के लिए भर्ती कराई गई सलेमपुर, बहादराबाद निवासी मुकेश कुमार की पत्नी सोनी का शुक्रवार की सुबह स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ वारिजा सिंह की देखरेख में ऑपरेशन से प्रसव कराया गया।
हर तरफ से निराश सोनी का डॉ. वारिजा ने बढ़ाया हौसला
इस दौरान सोनी ने चार बच्चों को जन्म दिया। डॉ. वारिजा के अनुसार चार बच्चों में दो बेटे और दो बेटियां हैं। दो बच्चों का वजन डेढ़-डेढ़ किलो तथा दो का वजन करीब सवा -सवा किलो है। स्वास्थ्य के हिसाब से चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
जच्चा भी पूरी तरह स्वस्थ हैं। बच्चों का पिता मुकेश मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार चलाता है। साथ ही वह अभी आईटीआई फाइनल वर्ष का छात्र भी है। मुकेश कुमार ने परिवार में चार बच्चों के आगमन पर खुशी जताई वहीं अस्पताल परिसर में भी इसे लेकर दिनभर चहल-पहल बनी रही।
शहर में इससे पहले जुड़वा बच्चों के जन्म लेने के साथ ही तीन बच्चों के जन्म के मामले भी सामने आते रहे हैं। यह पहला मामला है जब किसी महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। चार बच्चां का सफल प्रसव कराने वाली चिकित्सक डॉ. वारिजा सिंह को भी दिनभर बधाई देते रहे। डॉ. वारिजा सिंह ने बताया कि उनके करियर में भी यह पहला ऐसा मामला है जब किसी महिला ने एक साथ चार बच्चे जन्मे हों