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राजधानी में गला घोंट रहा प्रदूषण
अमर उजाला, रजा शास्त्री, देहरादून
Updated Tue, 10 Sep 2013 10:47 AM IST
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गर्मी के महीनों में देहरादून में प्रदूषण हद पार करके सात गुना से भी ज्यादा बढ़ गया था। मार्च, अप्रैल, मई और जून की जो रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्तराखंड ने जारी की है, उसमें यह तथ्य उजागर हुआ है। इससे बीमारी होने का खतरा भी बढ़ गया है।
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घंटाघर, रायपुर और आईएसबीटी स्थित बोर्ड के प्रदूषण जांच स्टेशन की रिपोर्ट में आरएसपीएम (रेस्पेरेबल सस्पेंडेड पर्टीकुलेट मैटर) की मात्रा सामान्य से बहुत अधिक पाई गई है।
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आईएसबीटी क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण पाया गया है। घंटाघर और रायपुर रोड क्षेत्र में स्थिति कमोबेश एक जैसी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्तराखंड ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देहरादून में सीएनजी वाहन चलाए जाने की सिफारिश पहले ही कर चुका है। बोर्ड के वरिष्ठ पर्यावरण विज्ञानी एसएस पाल का कहना है कि बारिश में आरएसपीएम कुछ घट जाते हैं।
आरएसपीएम(सामान्य स्थिति में 60 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब होना चाहिए)
घंटाघर:
मार्च-269
अप्रैल-278
मई-344
जून-300
आईएसबीटी
मार्च-388
अप्रैल-407
मई-433
जून-मापा नहीं गया
रायपुर रोड
मार्च-332
अप्रैल-364
मई-376
जून-278
पेट्रोल से अधिक डीजल वाहनों के धुएं से प्रदूषण बढ़ता है। वाहनों की संख्या अधिक होने से प्रदूषण की यह स्थिति हो गई है।
- अमरजीत सिंह ओबेराय, पर्यावरण अधिकारी
इन बीमारियों का खतरा
सांस की एलर्जी
सीओपीडी, अस्थमा, फेफड़ों की बीमारियां
शरीर में फ्री रेडिकल्स की संख्या बढ़ेगी
डायबिटीज, गुर्दे की बीमारियां
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होगी
हाइपरटेंशन, चिड़चिड़ापन, एंजाइटी बढ़ेगी
बचाव
सुबह मॉर्निंग वॉक करें
सुबह खुले माहौल में जाकर गहरी-गहरी सांस लें
योग-प्राणायाम, व्यायाम करें
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