उत्तराखंड में अब पानी हुआ महंगा, पूरा भुगतान कर चुके उपभोक्ताओं को भी भरना पड़ेगा एरियर
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शासन ने जलमूल्य की वृद्धि का शासनादेश जारी किया है। इसके अनुसार पेयजल उपभोक्ताओं को अप्रैल 2018 से नए टैरिफ के हिसाब से पेयजल बिलों का भुगतान करना होगा। अब तक पेयजल बिलों का पूर्ण भुगतान कर चुके उपभोक्ताओं से भी नए टैरिफ के हिसाब से जलमूल्य का एरियर वसूला जाएगा।
पेयजल सचिव ने मुख्य महाप्रबंधक को 12 अप्रैल 2018 को भेजे पत्र में पेयजल की वार्षिक वृद्धि को स्थगित कर दिया था। अब 28 नवंबर को पेयजल सचिव ने पूर्व में निरस्त की गई वार्षिक वृद्धि के आदेश को वापस लेते हुए पेयजल उपभोक्ताओं से एक अप्रैल 2018 से 9 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के हिसाब से जलमूल्य वसूलने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश बुधवार को यहां जलसंस्थान के ईई दफ्तर में पहुंच गया है। अब सभी पेयजल उपभोक्ताओं से एक अप्रैल 2018 से 9 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के हिसाब से बिल वसूला जाएगा।
ऐसे में जो उपभोक्ता अब तक पेयजल बिलों का पूर्ण भुगतान कर चुके हैं, उन्हें भी 9 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के हिसाब से अब तक के बिलों का एरियर के रूप में भुगतान करना होगा।
ऐसे जानें कैसे बढ़ेगा बिल
ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता अब तक 206 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन महीने का बिल 618 रुपये देना पड़ता था। बिल वृद्धि से अब उपभोक्ताओं को 21 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से सालभर में करीब 252 रुपये ज्यादा देने होंगे।
शासन ने पूर्व में वार्षिक वृद्धि निरस्त कर दी थी। चार दिसंबर को मुख्य महाप्रबंधक ने वार्षिक वृद्धि एक अप्रैल 2018 से वसूले जाने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ताओं से 9 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के हिसाब से जलमूल्य वसूला जाएगा। जिन उपभोक्ताओं ने बिलों का पूर्ण भुगतान किया है, उनसे एरियर के रूप में वसूली होगी।
- विशाल कुमार सक्सेना, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।