{"_id":"582a958c4f1c1b59368fe8f7","slug":"vending-machine-showpiece-in-railway-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साल में शोपीस बनी रेलवे की वेंडिंग मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साल में शोपीस बनी रेलवे की वेंडिंग मशीन
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 15 Nov 2016 10:26 AM IST
विज्ञापन
vending machine
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे स्टेशन पर करोड़ों की लागत से लगी तीन वेंडिंग मशीन लगभग एक साल में ही शो पीस बन गई हैं। कुछ सर्वर की खराबी और कुछ जानकारी के अभाव से यात्री इन मशीनों का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। हालत यह है कि एक दिन में तीन मशीनों से महज औसतन 50 टिकट ही बिक पा रहे हैं और कमोबेश पूरे दिन सन्नाटा रहता है। दूसरी तरफ मैनुअल काउंटर पर प्रतिदिन तीन हजार से अधिक टिकट बिक रहे हैं।
विज्ञापन
रेलवे ने दिसंबर 2015 में दून स्टेशन के जनरल श्रेणी काउंटर के समीप तीन वेंडिंग मशीनों को स्थापित किया था। मंशा यह थी कि यात्रियों को जनरल टिकट लेने के लिए लंबी लाइन में ख़ड़े होकर देर तक इंतजार न करना पड़े। कुछ दिन तो इन मशीनों से खूब टिकट बिके, लेकिन अब ये मशीनें लगभग ठप पड़ी हुई हैं।
विज्ञापन
कभी सर्वर डाउन तो कभी नोट स्वीकार न करने और कभी यात्रियों की जानकारी के अभाव में वेंडिंग मशीनों पर यात्रियों ने टिकट खरीदना कम कर दिया। रेलवे ने अब इस तरफ ध्यान देना बंद कर दिया और मशीनें शो पीस बनकर रह गई। शिकायत पर ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने सोमवार को वहां का जायजा लिया।
विज्ञापन
सुबह 10:00 बजे
काउंटर पर भीड़ देखकर यात्री टिकट जल्द मिलने की आस में वेंडिंग मशीन पर पहुंच रहे हैं। जरूरी आप्शन क्लिक किया, लेकिन सर्वर की खराबी की वजह से यह प्रक्रिया बीच में ही थम जा रही है। हारकर लोग काउंटर पर जा रहे हैं।
दोपहर 12:30 बजे
लिंक एक्सप्रेस को दून से रवाना होने में अभी लगभग एक घंटा बाकी है। मैनुएल काउंटर पर लंबी लाइन लगी है। तीन चार यात्री वेंडिंग मशीन से टिकट लेने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। मशीन से टिकट मिलने पर देरी की वजह से विभिन्न यात्रियों ने मैनुएल काउंटर की लाइन में खड़ा होना ही मुनासिब समझा।
शाम 3:00 बजे
कुछ यात्री बारी-बारी से तीनों मशीनों पर जाकर टिकट लेने की कोशिश कर रहे हैं। नोट और सिक्के डालने के बावजूद मशीन त्रुटि दर्शाकर रकम बाहर फेंक रही है। हालांकि इसमें कुछ यात्री मशीन से टिकट हासिल करने में कामयाब रहे।
शाम 6.30 बजे
काउंटर पर यात्री टिकट लेने के लिए लाइन में ख़ड़े हैं। दूसरी तरफ तीनों वेंडिंग मशीन सूनी पड़ी हैं। कुछ यात्री मशीनों पर गए, टिकट लेने का प्रयास भी किया, लेकिन मशीन पर ऑप्शन क्लिक करने की मशक्कत करते नजर आए।
इन बातों का रखें ख्याल
- जिस स्टेशन का टिकट चाहिए, उसका आप्शन मशीन में दबाएं और बताई गई जानकारी भरें
- वेंडिंग मशीन से सिर्फ जनरल श्रेणी के ही टिकट मिलने की व्यवस्था है
- सीनियर सिटिजन, विकलांग आदि श्रेणी के टिकट काउंटर से नहीं मिलते
- नोट न हों तो अपने स्मार्ट कार्ड को एटीएम कार्ड की तरह मशीन में स्वैप कर सकते हैं
‘आजकल वेंडिंग मशीनों से टिकट की बिक्री घटी है। कभी कभार सर्वर खराब होने की शिकायत हो सकती है, लेकिन ज्यादातर समय मशीन ठीक रहती हैं। खुले पैसे न होने की वजह से आजकल यात्री इन मशीनों का इस्तेमाल कम कर रहे हैं।’
- करतार सिंह, स्टेशन अधीक्षक