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उत्तरकाशी मस्जिद विवाद: हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, सरकार ने कहा- महापंचायत के लिए नहीं दी है अनुमति

Wed, 27 Nov 2024 11:22 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 27 Nov 2024 11:22 PM IST
सार

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि एक दिसंबर को मस्जिद के खिलाफ महापंचायत होने जा रही है। इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। इस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि एक दिसंबर को होने वाली महापंचायत के लिए प्रशासन ने कोई अनुमति नहीं दी है।

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Uttarkashi Mosque dispute Government said in High Court  permission has not been given for Mahapanchayat
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तरकाशी के भटवाड़ी रोड पर स्थित मस्जिद के विवाद मामले में इसकी सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 5 दिसंबर की तिथि नियत करते हुए जिलाधिकारी और एसपी उत्तरकाशी को कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ कोर्ट को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

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याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि एक दिसंबर को मस्जिद के खिलाफ महापंचायत होने जा रही है। इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। इस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि एक दिसंबर को होने वाली महापंचायत के लिए प्रशासन ने कोई अनुमति नहीं दी है। वर्तमान में वहां पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस दिन-रात गश्त कर रही है और अभी स्थिति सामान्य है।
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यह है मामला

उत्तरकाशी के अल्पसंख्यक सेवा समिति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 24 सितंबर से कुछ संगठनों की ओर से भटवाड़ी रोड स्थित सुन्नी समुदाय की मस्जिद को अवैध बताकर उसे ध्वस्त करने की धमकी दी जा रही है। इसकी वजह से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसलिए मस्जिद की सुरक्षा करने के आदेश राज्य सरकार को दिए जाएं। याचिका में कहा गया कि मस्जिद वैध है और 1969 में जमीन खरीदकर बनाई गई। 1986 में वक्फ कमिश्नर के निरीक्षण में भी इसे वैध पाया गया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस तरीके के भड़काऊ बयान देना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को आदेश देकर कहा है कि अगर किसी जाति धर्म या समुदाय के लिए भड़काऊ बयान का सहारा लिया जाता है तो राज्य सरकार सीधे मुकदमा दर्ज करे लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

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