उत्तराखंड: धारचूला में अतिवृष्टि से सात मकान जमींदोज, पांच लोगों के शव बरामद, दो की तलाश जारी
डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मौके पर राहत एवं बचाव कार्य कराने के साथ ही क्षेत्र में राहत सामग्री भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
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विस्तार
धारचूला के जुम्मा गांव में रविवार की रात हुई मूसलाधार बारिश ने जमकर कहर बरपाया। अतिवृष्टि से जामुनी और नालपोली तोक में सात मकान जमींदोज हो गए। मलबे में तीन बहनों और उनके चाचा-चाची समेत सात लोग दब गए। इनमें से तीनों बहनों और दो महिलाओं के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि दंपती (तीनों बहनों के चाचा-चाची) लापता हैं। घटना में जुम्मा गांव के चार लोग घायल हुए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और एसएसबी सहित पुलिस के जवान समाचार लिखे जाने तक लापता लोगों की खोजबीन में जुटे थे।
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रविवार की रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश से जुम्मा गांव के जामुनी और नालपोली तोक में जबर्दस्त भूस्खलन हुआ और सात मकान जमींदोज हो गए। जामुनी तोक में चंद्र सिंह धामी, उनकी पत्नी हाजरी देवी और तीन भतीजियां संजना, रेनू और शिवानी मलबे में दब गईं। चंद्र सिंह के बड़े भाई जोगा सिंह ने पत्नी और दो बेटों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर भागकर जान बचाई। मकान ध्वस्त होने से जुम्मा के नर सिंह, जयमती, दीया और अंजली घायल हो गईं।
जुम्मा गांव के ही नालपोली तोक में सास-बहू मलबे में दब गईं। इसके अलावा, सुनीता देवी पत्नी दीपक सिंह और पार्वती देवी पत्नी लाल सिंह भी मकान ध्वस्त होने से मलबे में दब गए। जामुनी तोक के जोगा सिंह की तीन पुत्रियों संजना, रेनू व शिवानी के अलावा जामुनी की ही सुनीता देवी और नालपोली तोक की पार्वती देवी के शव बरामद हो गए हैं। मलबे में दबे जामुनी तोक के चंद्र सिंह और उनकी पत्नी हाजरी देवी की ढूंढखोज की जा रही है। घायलों को उपचार के लिए हेलिकॉप्टर से धारचूला लाया गया है।
डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मौके पर राहत एवं बचाव कार्य कराने के साथ ही क्षेत्र में राहत सामग्री भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
सीएम धामी ने डीएम से से ली नुकसान की जानकारी
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ डॉ. आशीष चौहान से फोन पर बात कर जुम्मा गांव में भारी बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। सीएम ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावितों को तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। राहव व बचाव कार्य पूरी क्षमता के साथ चलाए जाएं। घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए।
पिथौरागढ़ जनपद के जुम्मा गांव के पास भूस्खलन की वजह से 2 लोगों की दुखद मौत एवं 5 अन्य की मलबे में दबे होने की खबर है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 30, 2021
इस विषय में जिलाधिकारी से बात कर रेस्क्यू मिशन तेज करने का निर्देश दिया है। मैं वहां फंसे लोगों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।
मलबे में दबने से इनकी हुई मौत
1 -संजना (15) पुत्री जोगा सिंह निवासी जामुनी।
2 - रेनू (11) पुत्री जोगा सिंह निवासी जामुनी।
3 - शिवानी (9) पुत्री जोगा सिंह निवासी जामुनी।
4 - सुनीता पत्नी दीपक सिंह निवासी जामुनी ।
5 - पार्वती देवी पत्नी लाल सिंह निवासी नालपोली।
ये अब भी हैं लापता
1-चंद्र सिंह पुत्र करन सिंह निवासी जामुनी
2 -हाजरी देवी पत्नी चंद्र सिंह निवासी जामुनी
ये हुए हैं घायल
1-नर सिंह पुत्र लाल सिंह निवासी जुम्मा।
2-जयमती पत्नी सोबन सिंह निवासी जुम्मा।
3-अंजली पुत्री मान सिंह निवासी जुम्मा।
4- दीया पुत्री मान सिंह निवासी जुम्मा।
नेपाल की ओर से हुए भूस्खलन से काली नदी में बनी झील
नेपाल की ओर से भारी भूस्खलन के कारण काली नदी में झील बन गई है। इससे एनएचपीसी तपोवन के परिसर तक पानी घुस आया है। नेपाल की ओर से कालागाड़ पहाड़ी से मलबा काली नदी में आ गया। इससे नदी का प्रवाह रुक गया और एनएचपीसी कॉलोनी में जलभराव हो गया। दर्जनों मकानों में मलबा और पानी घुस गया। इसमें तीन वाहन बह गए।
काली नदी का जल स्तर बढ़ने से बीआरओ का क्रशर प्लांट और हट्स क्षतिग्रस्त हो गए जबकि तारकोल के सैकड़ों ड्रम और काफी सामान मलबे में दब गया। बीआरओ कर्मी नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद बचाव में जुटे रहे।
बीआरओ के कर्नल एनके शर्मा ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। काली नदी का जल स्तर बढ़ने की सूचना पर प्रशासन और पुलिस ने रात में ही लाउडस्पीकर से लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा। घटखोला सहित नदी से लगे गांवों के लोग रात भर जगे रहे।
कपकोट में बारिश ने मचाया कहर
बागेश्वर जिले में बारिश जमकर कहर बरपा रही है। कपकोट तहसील क्षेत्र में रविवार की रात और सोमवार की सुबह हुई बारिश से कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर पहाड़ दरक गए हैं। चचई गांव में सुम्येड़ा तोक को जोड़ने के लिए बने दो पैदल पुल बह गए। तोक के करीब 250 ग्रामीणों का संपर्क गांव से कट गया है। कपकोट क्षेत्र के कई गांवों में घरों, गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है।
जगथाना गांव को धनाबगड़ तोक से जोड़ने वाला पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे तोक के छह परिवारों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।चचई गांव में करीब 50 खेत मलबे से पट गए हैं। बागेश्वर में अनर्सा-झटक्वाली मोटर मार्ग के किनारे खड़ी पिकअप सड़क के धंसने से खेत में पलट गई। हरसीला-पुड़कूनी सड़क पर आए मलबे में एक वाहन फंस गया।
रेवती नदी के कटाव से सड़क ध्वस्त होने के कारण हरसिंग्याबगड़, बड़ेत, नौकोड़ी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क कपकोट तहसील मुख्यालय से कट गया है।
दर्जनों घर खतरे की जद में
विकासखंड में रविवार रात हुई बारिश के बाद 35 मकान खतरे की जद में हैं। दो परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। छह परिवारों पर अब भी खतरे में हैं। प्रशासन आपदा प्रभावितों की मदद के लिए रवाना हो चुका है। गोरी नदी में भारी मलबा आने से मालूपाती का पैदल पुल भी टूटने की कगार पर है। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क में दरांती के पास सैंणथल में सड़क का आधा हिस्सा गायब होने से आवाजाही ठप हो गई है। बंगापानी तहसील की ग्राम पंचायत शिलिंग के तोक खरतोली में जगह-जगह भूस्खलन होने से 32 परिवार खतरे की जद में हैं
बीमार को पीठ पर लादकर आठ किमी दूर अस्पताल पहुंचाया
भारी बारिश के कारण मदकोट-दारमा सड़क जगह-जगह बंद होने के चलते परिवार वालों ने गंभीर रूप से बीमार हुकम सिंह चिराल को पीठ पर लादकर आठ किमी दूर अस्पताल पहुंचाया।
नदियां उफान पर
जुम्मा में अतिवृष्टि और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद महाकाली नदी, जौलजीबी में गोरी नदी उफान पर हैं। टनकपुर में शारदा भी उफान पर है। यहां नदी का जल स्तर इतना बढ़ गया कि पानी स्नानघाट के ऊपर से आसपास की कॉलोनी तक पहुंच गया। प्रशासन ने कॉलोनी के लोगों को अलर्ट कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा है। वहीं जल पुलिस के जवान सुरक्षा को लेकर मुस्तैद हैं।
कुमाऊं में 46 सड़कें मलबे-भूस्खलन से बंद
बागेश्वर जिले में 15, अल्मोड़ा में दो, चंपावत में पांच, पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाली दो सड़कों समेत कुल 21 और नैनीताल जिले में तीन सड़कें बंद हैं। चंपावत में बारहमासी सड़क में स्वांला के समीप आए मलबे को आठवें दिन भी नहीं हटाया जा सका।