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उत्तराखंड मौसम: कई जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, यमुनोत्री धाम की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी

Thu, 02 Sep 2021 10:51 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 02 Sep 2021 10:51 PM IST
सार

Uttarakhand Weather update: मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

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uttarakhand weather latest news update: yellow alert for 24 hours, Yamunotri pedestrian road still blocked
यमुनोत्री धाम की चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुरुवार को पहाड़ी इलाकों में मौसम ने करवट बदली और यमुनोत्री धाम के आसपास पहाड़ियों की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई। यमुनोत्री धाम के आसपास कालिंदी पर्वत, सप्त ऋषिकुंड, गरुणगंगा आदि चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई।

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यमुनोत्री धाम के पुजारी आशुतोष उनियाल ने बताया कि पिछले दो दिनों से यमुनोत्री धाम में रुकरुक कर बारिश हो रही है। जिसके चलते यहां तापमान में काफी गिरावट आ गई है। धाम के आसपास पहाड़ियों पर बुधवार देर रात से बृहस्पतिवार सुबह तक बर्फबारी हुई। इससे पहले बदरीनाथ, केदारनाथ और मुन्सयारी में भी सीजन का पहला हिमपात हो चुका है। 
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हल्की से मध्यम बारिश के आसार
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित अधिकतर इलाकों में आज गुरुवार को भी मौसम खराब बना हुआ है। वहीं मसूरी में देर रात से हो रही बारिश सुबह रुक गई है। यहां मौसम सुहावना बना हुआ है। हरिद्वार में मौसम साफ है। मौसम विभाग की ओर से यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। जहां तक राजधानी दून का सवाल है तो दून में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। तेज बारिश की संभावना भी मौसम विज्ञानियों ने जताई है। 

मलबा आने से प्रदेश में 69 मार्ग बंद
प्रदेश में बारिश के बाद जगह-जगह मलबा आने से 69 मार्ग बंद हैं। जबकि पांच से सात सितबंर के बीच देहरादून, टिहरी और पौड़ी सहित कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक पिथौरागढ़ में 17 मार्ग बंद हैं। उत्तरकाशी में तीन, देहरादून में तीन, चमोली में 22, पौड़ी में तीन, टिहरी में पांच, बागेश्वर में सात, अल्मोड़ा में चार और चंपावत में पांच मार्ग बंद हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक चार सितंबर को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं तीव्र बौछार की संभावना है। जबकि पांच से सात सितंबर तक देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में तीव्र बौछार के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

तीसरे दिन खुली निजमुला सड़क, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस 

बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर बृहस्पतिवार से वाहनों की आवाजाही सुचारू हो गई है। यहां जगह-जगह सड़क पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी थी। सड़क खुलने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। 30 अगस्त को भारी बारिश के कारण काली चट्टान व तोली तोक के पास मलबा आने से सड़क बंद हो गई थी, जबकि  31 अगस्त को टिटरी गदेरे के उफान से 40 मीटर तक सड़क बह गई थी। ऐसे में घाटी के गांवों में वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई थी। सड़क खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से जेसीबी लगाई गई है। मशीनों ने हिल कटिंग कर बुधवार को देर रात सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। सड़क खुलने पर ग्राम पंचायत पाणा, ईराणी, झींझी, पगना, दुर्मी, गौणा, निजमुला, मोली, मानुरा, ब्यारा, सेंजी व गाड़ी गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। 

गाड़ी गांव के ऊपर हुआ भूस्खलन, लोगों ने छोड़े घर
दशोली ब्लाक के गाड़ी गांव के ऊपर बुधवार रात को भूस्खलन होने से गांव को खतरा हो गया है। गांव के कुछ घरों के ऊपर भूस्खलन होने पर लोग रात में ही घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। भूस्खलन थमने के बाद सभी घरों को लौट गए। बुधवार रात को हुए भूस्खलन से गांव की कृषि भूमि भी तबाह हो गई है। साथ ही गांव के लिए आने वाली पेयजल लाइन भी टूट गई है, जिससे गांव में पानी का भी संकट खड़ा हो गया है। गांव के भूपाल सिंह और हिम्मत सिंह के आंगन का पुश्ता टूटने से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। गांव के नवीन गड़िया, तारेंद्र गड़िया,  महावीर गड़िया ने प्रशासन से क्षतिपूर्ति का आकलन करने और सुरक्षा के उपाय करने के साथ प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की।

छह दिनों से हेलंग उर्गम मार्ग बंद
हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग छह दिनों से बंद है, जिससे उर्गम घाटी के 13 गांवों का यातायात बंद हो गया है। वाहन नहीं चलने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दिनों हुई भारी बारिश से हेलंग-उर्गम सड़क जगह-जगह टूटी हुई है। हनुमान मंदिर के पास सड़क का पुश्ता टूटने से सड़क ध्वस्त हो गई है। लोग जोखिम उठाकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। बारिश के कारण पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं, जिससे पैदल चलने वालों को हर समय खतरा बना रहता है। उर्गम घाटी के उजागर फरस्वाण का कहना है कि छह दिनों से सड़क बंद होने से क्षेत्र में खाद्यान्न संकट गहराने लगा है। अति आवश्यक होने पर ही लोग पैदल आवाजाही कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द मार्ग खुलवाने की मांग की। वहीं पीएमजीएसवाई के जेई अंकित बिष्ट ने बताया कि मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी लगाई गई हैं। साथ ही बोल्डरों को तोड़ने के लिए कंप्रेशर मशीनें लगी हैं। शुक्रवार तक मार्ग खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद

बदरीनाथ हाईवे पर खतरनाक हुई आवाजाही

सात दिन बाद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भले ही यातायात शुरू हो गया हो, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। तपोवन से देवप्रयाग के बीच जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हैं। वहीं कई स्थानों पर चट्टान पर अटके पत्थर खिसकने का खतरा बना हुआ है। स्थिति यह है कि मलबे की वजह से कई स्थानों पर सिंगल लेन में यातायात संचालित हो रहा है।

बता दें कि पिछली 26 अगस्त रात बारिश की वजह से तपोवन से देवप्रयाग के बीच 60 किलोमीटर क्षेत्र में 18 से अधिक स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है, जिससे यातायात ठप हो गया था। एक सितंबर को लोनिवि ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए राजमार्ग खोल तो दिया, लेकिन अभी भी आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। चौड़ीकरण की वजह से पहाड़ियां कमजोर हो गई हैं। बारिश होने पर भूस्खलन से मलबा सड़क पर गिर रहा है। अभी भी अधिकतर स्थानों पर मलबा गिरा हुआ है, जिससे यहां यातायात सुचारु नहीं हुआ है। 

तोताघाटी में यातायात खोलने के बाद पीडब्लूडी राजमार्ग खंड अब मलबे की सफाई में जुट गया है। पीडब्लूडी के सहायक अभियंता बीएन द्विवेदी ने बताया कि मलबे की सफाई के लिए मशीनें लगाई गई हैं। जिन स्थानों में मलबा गिरने की संभावना है, वहां मशीनें तैनात की गई है।

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