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देहरादून क्राइम: कंपनी का एमडी बताकर व्हाट्सप्प के जरिये 3.20 करोड़ की साइबर ठगी, आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार
Thu, 27 Aug 2026 10:57 AM IST
Renu Saklani
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Thu, 27 Aug 2026 10:57 AM IST
सार
एक मैसेज से शुरू हुआ भरोसा कंपनी के लिए करोड़ों रुपये के नुकसान में बदल गया।
प्रोजेक्ट भुगतान के नाम पर जालसाजों ने कंपनी के जनरल मैनेजर को विश्वास में लेकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करा ली।
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आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कंपनी के उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बनकर व्हाट्सप्प के जरिए करीब 3.20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एसटीएफ की साइबर टीम ने एक आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चन्द्र कांत मिश्रा निवासी ग्रीन फील्ड सिटी, महेशतल्ला, कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और एचपी कंपनी का लैपटॉप बरामद हुआ है।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मामले की जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने कंपनी के जनरल मैनेजर से व्हाट्सप्प के माध्यम से संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को कंपनी का उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बताते हुए प्रोजेक्ट के एडवांस पेमेंट और अन्य जरूरी भुगतानों के नाम पर जनरल मैनेजर को विश्वास में लिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इसी क्रम में श्याम ट्रेडिंग कंपनी के बैंक खाते में भी रकम भेजी गई। इस तरह करीब 3.20 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
सहयोगियों के बारे में पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने साइबर टीम को तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए। टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद कोलकाता पहुंची और आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया।
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प्रारंभिक जांच में आरोपी के लैपटॉप से विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं से संबंधित एडिटेबल दस्तावेज, बैंक लोन आवेदन, आधार कार्ड व पैन कार्ड की प्रतियां समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। मोबाइल फोन और लैपटॉप का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस आरोपी से ठगी में उसकी भूमिका, रकम के लेन-देन और अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
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साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मामले की जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने कंपनी के जनरल मैनेजर से व्हाट्सप्प के माध्यम से संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को कंपनी का उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बताते हुए प्रोजेक्ट के एडवांस पेमेंट और अन्य जरूरी भुगतानों के नाम पर जनरल मैनेजर को विश्वास में लिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इसी क्रम में श्याम ट्रेडिंग कंपनी के बैंक खाते में भी रकम भेजी गई। इस तरह करीब 3.20 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
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सहयोगियों के बारे में पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने साइबर टीम को तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए। टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद कोलकाता पहुंची और आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया।
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प्रारंभिक जांच में आरोपी के लैपटॉप से विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं से संबंधित एडिटेबल दस्तावेज, बैंक लोन आवेदन, आधार कार्ड व पैन कार्ड की प्रतियां समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। मोबाइल फोन और लैपटॉप का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस आरोपी से ठगी में उसकी भूमिका, रकम के लेन-देन और अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
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एसटीएफ के अनुसार, इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।