उत्तराखंड मौसम: केदारनाथ धाम की पहाड़ियों पर सीजन का पहला हिमपात, तोताघाटी में सातवें दिन खुला बदरीनाथ हाईवे

न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 01 Sep 2021 09:16 PM IST

सार

Uttarakhand Weather Today: सीजन के पहले हिमपात से केदारपुरी में ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कर रही वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के टीम लीडर मनोज सेमवाल ने बताया कि धाम में मौसम का पहला हिमपात हुआ है जिससे ठंड भी बढ़ने लगी है।
सीजन का पहला हिमपात
सीजन का पहला हिमपात - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार

केदारनाथ के ऊपरी क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। वहीं धाम क्षेत्र में दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। इस दौरान यहां कोहरा और निचले इलाकों में घने बादल छाए रहे।
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बुधवार को केदारनाथ में सुबह से मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। मंदिर क्षेत्र में रुक-रुककर कभी हल्की तो कभी मध्यम बारिश होती रही। वहीं, वासुकीताल, दुग्ध गंगा और भैरवनाथ मंदिर के ऊपरी तरफ हल्का हिमपात हुआ है। वहीं हिमालय की मेरू-सुमेरू सहित अन्य पर्वत शृंखलाओं में जमकर हिमपात हुआ है।


सीजन के पहले हिमपात से केदारपुरी में ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कर रही वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के टीम लीडर मनोज सेमवाल ने बताया कि धाम में मौसम का पहला हिमपात हुआ है जिससे ठंड भी बढ़ने लगी है। इधर, गौरीकुंड, सोनप्रयाग समेत केदारघाटी में बारिश हुई है। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में दिनभर घने बादल छाए रहे। इस दौरान दिन में कई बार हल्की बूंदाबांदी भी होती रही। 

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भारी बारिश  की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बुधवार सुबह से देहरादून में बादल छाए हुए रहे। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई। 

मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। जहां तक राजधानी दून का सवाल है तो राजधानी में काले घने बादल छाए रह सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है।

तोताघाटी में बदरीनाथ हाईवे पर यातायात शुरू

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोता घाटी के पास आए चट्टानी मलबे को हटाने के बाद जिला प्रशासन टिहरी ने सशर्त यातायात शुरू करने की अनुमति दे दी है। राजमार्ग पर सिर्फ दिन में ही यातायात की अनुमति मिली है। लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग खंड यहां सातवें दिन मलबा हटा पाया।  

26 अगस्त की रात और 27 अगस्त को दिन में भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे तपोवन से देवप्रयाग के मध्य 18 से अधिक स्थानों पर मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो गया था। राजमार्ग पर भूस्खलन से बढ़ते खतरे को देखते हुए डीएम टिहरी ईवा श्रीवास्तव ने 27 अगस्त को आदेश जारी करते हुए तपोवन से मलेथा तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी थी। इस बीच पीडब्लूडी ने तोताघाटी से एक किमी आगे के पैच को छोड़कर अन्य स्थानों पर मार्ग को आंशिक रूप से यातायात के लायक बना दिया था। तोताघाटी में 7 दिन की मशक्कत के बाद बुधवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे बोल्डरों व मलबे को हटा दिया गया। पीडब्लूडी के सहायक अभियंता बीएन द्विवेदी ने बताया कि राजमार्ग खोल दिया गया है। 

इधर, जिला प्रशासन टिहरी ने पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता ने फोन पर वार्ता के बाद सशर्त यातायात की अनुमति दे दी। डीएम टिहरी इवा श्रीवास्तव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मुनिकी रेती से कीर्तिनगर के बीच सुबह 8 से शाम 5 बजे के बीच ही यातायात संचालित होगा। पीडब्लूडी को संवेदनशील स्थानों पर मशीन और सुरक्षा सामग्री समेत श्रमिक तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

बारिश से यमुनोत्री पैदल मार्ग पर हुआ भूस्खलन

यमुनोत्री जानकीचट्टी पैदल मार्ग पर बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन के कारण दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे पैदल आवाजाही जोखमभरी हो गई है। यमुनोत्री धाम से लौटे यमुना के पुजारी अनोज उनियाल ने बताय कि यमुनोत्री पैदल मार्ग भैरव मंदिर के नीचे व उसके आगे बारिश के कारण भूस्खलन से मलबा व बोल्डर आए हुए हैं। एक जगह पैदल रास्ते की दीवार टूटने से रास्ता खोखला हो गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। पुरोहित समाज के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने शासन-प्रशासन से क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत करने की मांग की है।  

नाला उफान पर आने से बाजार में घुसा पानी
भारी बारिश के कारण मोरी बाजार के बीच में बहने वाले नाले में अचानक बाढ़ आने से पानी और मलबा बाजार में घुस गया, जिसे कुछ देर के लिए यहां यातायात बाधित रहा। बाद में जेसीबी द्वारा मलबा हटाया गया। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री राजेंद्र रावत ने बताया कि बुधवार सुबह करीब चार बजे भारी बारिश से मोरी बाजार के बीचों बीच बहने वाले नाला उफान पर आ गया था। बताया कि नाले पर पुल बनाने की मांग लोनिवि से की गई थी, लेकिन कोई भी कार्रवाई नही की गई है। उन्होंने कहा कि नाले के आसपास सिंचाई विभाग से सुरक्षात्मक कार्य व वन विभाग से जलमोड़ नाली बनाने की मांग भी की गई है। उन्होंने डीएम से शीघ्र यहां सुरक्षात्मक कार्य सहित पुल बनाने की मांग की है। 
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