उत्तराखंड उपचुनाव: स्ट्रांग रूम में कैद हुई ईवीएम और वीवीपैट, 31 को 12 राउंड में होगी मतगणना
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उत्तराखंड के थराली उपचुनाव के तहत विधानसभा क्षेत्र के 178 मतदेय स्थलों पर शांतिपूर्वक मतदान के बाद सभी पोलिंग पार्टियां लौट आई हैं। पोलिंग पार्टियों ने तहसील के कुलसारी में बने स्ट्रांग रूम में सभी ईवीएम और वीवीपैट जमा कराईं। मंगलवार को 24 पोलिंग पार्टियों ने मशीनें और निर्वाचन संबंधी दस्तावेज जमा कराए, जबकि 154 पोलिंग पार्टियां सोमवार देर रात को यहां पहुंचीं। मतगणना 31 मई को होगी।
सामान्य प्रेक्षक केएच कुलकर्णी, जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष जोशी, एसपी तृप्ति भट्ट, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एमएस बर्निया, रिटर्र्निंग ऑफिसर परमानंद राम, अपर जिला निर्वाचन अधिकारी हंसादत्त पांडे की उपस्थिति में सभी ईवीएम, वीवीपैट एवं निर्वाचन संबंधी दस्तावेजों को राइंका कुलसारी स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया।
इस दौरान और प्रत्याशियों के अभिकर्ता भी मौजूद रहे। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय फोर्स लगाई गई है। पहली स्तर पर आईटीबीपी दूसरे में पीएसी एवं बाहरी सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस तैनात की गई है। स्ट्रॉग रूम को मतगणना तक लगातार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। स्ट्रांग रूम सील कर कक्षों को सुरक्षा बलों के सुपुर्द किया गया।
12 राउंड में होगी मतगणना
12 राउंड में होगी मतगणना
31 मई को होने वाली मतगणना की तैयारियां प्रशासन ने पूरी कर ली हैं। रिटर्निंग ऑफिसर परमानंद राम ने बताया कि सुबह 8 बजे से होने वाली मतगणना 12 राउंड तक चलेगी। इसके लिए 15 टेबल लगाई गई हैं। साथ ही 60 अधिक कर्मियों की ड्यूटी मतगणना में लगाई गई है।
पांच प्रत्याशी हैं मैदान में
थराली विधानसभा उपचुनावों के लिए 5 प्रत्याशी मैदान में है। सत्ताधारी दल से जहां जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी शाह, कांग्रेस से पूर्व विधायक डा. जीतराम, माकपा के कुंवर राम, यूकेडी के कस्बीलाल शाह और निर्दलीय बीरीराम शामिल हैं।
भोजन मिला न सोने के लिए जगह
चुनाव ड्यूटी से लौट रहे कर्मियों को सोमवार रात को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। थराली विधानसभा उपचुनाव के लिए 28 मई को मतदान हुआ था। इस दिन विधानसभा की 154 पोलिंग पार्टियों को लौटने का फरमान निर्वाचन आयोग का था। ऐसे में 28 मई देर रात तक पोलिंग पार्टियां लौटती रहीं। देर रात होने के चलते कई कर्मियों को न तो खाना मिला और न ही सोने के लिए जगह। ऐसे में कई कर्मियों ने वाहनों में ही रात बिताई।