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उत्तराखंडः सब रजिस्ट्रार कार्यालय में गड़बड़ी प्रकरण में एसआईटी ने की मुकदमे की संस्तुति
Wed, 13 Nov 2019 10:06 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 13 Nov 2019 10:06 AM IST
सार
- एसआईटी ने तीन नामजद व कार्यालय के अज्ञात कार्मिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा
- अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने की थी प्रकरण की जांच, इंडेक्स रजिस्टर था कार्यालय से गायब
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
सब रजिस्ट्रार कार्यालय से इंडेक्स रजिस्टर गायब होने और फर्जीवाड़े से भूमि नाम कराने के मामले में एसआईटी ने मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की है। प्रकरण में फर्जीवाड़े से जमीन नाम कराने वाले तीन और इंडेक्स रजिस्टर गायब करने के आरोपी सब रजिस्ट्रार कार्यालय के अज्ञात कार्मिक मौजूद हैं। मामले में एसआईटी और अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने संयुक्त रूप से जांच की थी।
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एसआईटी से मिली जानकारी के अनुसार उन्हें मलिका विर्दी निवासी क्लेमेंटटाउन ने शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार उनकी भारूवाला ग्रांट स्थित भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा करने का प्रयास किया था। कब्जा करने वालों ने कहा था कि यह जमीन उन्होेंने 1987 में विर्दी के पिता से खरीदी थी।
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इस पर जब उन्होंने प्रशासन को शिकायत की तो पता चला कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उस वर्ष से संबंधित इंडेक्स रजिस्टर ही मौजूद नहीं है, जिससे असल खरीददार और विक्रेता का पता चला सके। कार्यालय की ओर से बताया गया कि उन्होंने कुछ दस्तावेज विनिष्ट कर दिए हैं और कुछ गायब हो गए हैं।
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गायब दस्तावेजों की उन्होंने वर्ष 2009 में पुलिस से शिकायत भी की थी। इस मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर एडीएम प्रशासन रामजीशरण शर्मा ने इसकी जांच की। उन्होंने जांच में कई पूर्व कार्मिकों की खामियां पाईं। पता यह भी चला कि जो विनिष्ट करने योग्य नहीं थे उन्हें भी विनिष्ट कर दिया गया। इस तरह उन्होंने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।
इधर, एसआईटी ने जब जांच शुरू की तो आरोपी जयवीर सिंह निवासी कुटबा शाहपुर मुजफ्फरनगर, अमित राठौर निवासी सायला बेगमपुर सहारनपुर और मुस्कान निवासी सहस्रधारा रोड देहरादून ने अपने पक्ष में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।
वे ये भी नहीं दर्शा सके कि उन्होंने यदि 1987 में भूमि खरीदी थी तो वे 32 वर्ष बाद कब्जा क्यों लेना चाहा। इस पर उन पर लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया पुष्ट हुए, जिसके आधार पर एसआईटी ने जिला पुलिस को इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।