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उत्तराखंड: विधायक महेश नेगी और उनकी पत्नी पर मुकदमा दर्ज, दुष्कर्म के साथ मामले को दबाने का आरोप

Sun, 06 Sep 2020 09:13 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 06 Sep 2020 09:13 PM IST
सार

  • एसीजेएम पंचम कोर्ट ने नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस को अविलंब मुकदमा दर्ज कर विवेचना का दिया था आदेश 

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Uttarakhand: Sexual assault Lawsuit Filed on Dwarahat MLA mahesh negi and his wife
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

महिला से दुष्कर्म सहित कई आरोपों में घिरे विधायक महेश नेगी पर अब कानूनी शिकंजा भी कस गया है। कोर्ट के आदेश पर शनिवार देर रात उनके खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मुकदमे में उनकी पत्नी भी सह आरोपी हैं। महिला का आरोप है कि विधायक ने उससे एक साल से भी ज्यादा समय तक देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाकर दुष्कर्म किया। 

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महिला के खिलाफ पिछले दिनों विधायक की पत्नी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद महिला ने वीडियो जारी कर विधायक पर दुष्कर्म के आरोप लगाए और उन्हें अपनी बेटी का पिता बताया। महिला का यह भी कहना है कि उसने अपनी बेटी व पति का डीएनए जांच कराई थी, जिसमें वह उसके पति की बेटी नहीं पाई गई है। लिहाजा, बेटी के जैविक पिता विधायक महेश नेगी ही हैं। महिला ने विधायक के खिलाफ पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने फिलहाल उस पर मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इस बीच महिला ने कोर्ट की शरण ली। एसीजेएम पंचम ने शनिवार को इस मामले में अविलंब मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। 
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नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी राकेश गुसाईं ने बताया कि इस मामले में शनिवार देर रात विधायक महेश नेगी और उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 व 506 यानी दुष्कर्म करना और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। जबकि उनकी पत्नी को धारा 506 के तहत सह आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इधर, शनिवार को ही विधायक के वकील संजीव कौशिक ने इसे कोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी। 

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विधायक के घर से ही हुई शुरुआत 

महिला के अनुसार इस मामले की शुरुआत विधायक के घर से हुई। नवंबर-दिसंबर 2018 को महिला की मां की तबीयत खराब थी। विधायक उनके पड़ोसी थे तो उनसे इस बात का जिक्र किया। बताया कि उनकी मां का इलाज भाप की मशीन से होना है। इस पर विधायक ने कहा कि यह उनके पास है लिहाजा, वह अपनी मां को उनके घर ले आए।

महिला के अनुसार वह अपनी मां को विधायक के घर ले गई। इसी बीच मौका पाकर विधायक ने उसे कमरे के बाहर बुलाया और छेड़छाड़ की। उसने कहा कि दिसंबर में उसकी शादी है वह बदनाम हो जाएगी। तब विधायक ने कहा कि वह सब देख लेगा। इसके बाद विधायक ने उस वक्त की सीसीटीवी फुटेज अपने पास रख ली और बार बार उन्हें दिखाकर दुष्कर्म करते रहे। 

गर्भावस्था की जांच के दौरान भी थे विधायक मौजूद 
महिला का आरोप है कि शादी के बाद विधायक के कहने पर ही उसने पति व उनके घरवालों के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस किया। इस पर पति ने इसका कारण पूछा तो उसने सारी बात बता दी। यह जानकर पति ने भी उनसे संबंध तोड़ दिया।

इसके बाद वह विधायक के साथ अल्मोड़ा, हिमाचल, दिल्ली समेत कई स्थानों पर गई। आरोप है कि वहां विधायक ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद जब वह गर्भवती हो गई तो विधायक ने ही गर्भावस्था की जांच एक अस्पताल में करवाई। तब तक विधायक सब कुछ संभालने की बात कहते रहते थे। इसके बाद जब बेटी हुई तो किनारा कर लिया।

यह है पूरा मामला

पिछले महीने विधायक की पत्नी ने महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया है कि महिला विधायक से संबंध होने की बात करके उनसे पांच करोड़ रुपये मांग रही है।

महिला ने अपनी बच्ची को भी विधायक की ही बताया था। इधर मुकदमा दर्ज हुआ और उधर शाम तक महिला भी खुले तौर पर विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर आ गई। उसने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए और बच्ची का डीएनए विधायक से मैच कराने की मांग की थी।

मामले की जांच पहले नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस कर रही थी, मगर बाद में इसे सीओ सदर को दे दिया गया था। इस मामले में राज्य महिला आयोग और बाल आयोग ने भी पुलिस को रिपोर्ट देने के लिए कहा था।    

विधायक महेश नेगी के मामले में कोई दबाव नहीं डाल रहा

विधायक महेश नेगी के मामले में सरकार और संगठन के दबाव को लेकर कांग्रेस के आरोप पर प्रदेश भाजपा ने पलट वार किया है। पार्टी ने साफ किया कि इस मामले में सरकार और संगठन का कोई दबाव नहीं है। इस मामले पर पार्टी का रुख एकदम साफ है। पार्टी ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत पहले ही कह चुके हैं कि विधायक प्रकरण जांच के दायरे में है। जांच से जो होगा सामने आएगा। उसके आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। यही स्थिति आज भी है।

कांग्रेस नेता राजनीति कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। सरकार व भाजपा संगठन के खिलाफ अनर्गल बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि न तो इस मामले में सरकार किसी पर कोई दबाव डाल रही है और न संगठन। विधानसभा अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि विधायक के मामले में किसी कार्यवाही के लिए उनसे पूछने की जरूरत नहीं है।

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