उत्तराखंड: बैठक से रूठकर निकले कैबिनेट मंत्री हरक सिंह, इस्तीफे की चर्चा, सियासत फिर सुलगी
Harak Singh Rawat Resign: इस्तीफा देने के बाद हरक सिंह रावत ने कहा कि उनकी स्वीकृत योजनाओं को लटकाया जा रहा है।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट विवाद से गरमाई सियासत ठंडी पड़ी ही थी कि प्रदेश सरकार के कद्दावर कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के इस्तीफे की खबर ने सियासत गरमा दी। हरक सिंह के पास वन एवं पर्यावरण, श्रम एवं आयुष मंत्रालय है। हालांकि उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई। भाजपा ने भी उनके इस्तीफे से इंकार किया।
बताया जा रहा है कि प्रदेश मंत्रिमडंल की बैठक के दौरान कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव लटकाए जाने पर विवाद गहराया। हरक सिंह रावत इस कदर नाराज हुए कि बैठक बीच में छोड़कर चले गए। इसके बाद भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ के इस्तीफे की भी चर्चाएं गरमा उठी। उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मंत्री हरक व विधायक उमेश के इस्तीफे से अनभिज्ञता जाहिर की। वह विजय संकल्प यात्रा को लेकर गोपेश्वर में हैं।
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि डॉ. हरक सिंह रावत ने लिखित तौर पर कोई इस्तीफा नहीं दिया है। वह कैबिनेट बैठक संपन्न होने के बाद गए।
इधर, सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर हरक सिंह रावत के इस्तीफे की खबरें तेजी से तैरने लगीं। पुष्टि करने के लिए डॉ. रावत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन व्यस्त आता रहा।
कोटद्वार में मेडिकल कालेज का प्रस्ताव न आने से नाराज
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव न आने से हरक सिंह रावत का पारा चढ़ गया। मेडिकल कॉलेज को लेकर वह अपनी नाराजगी पिछली कैबिनेट बैठक में भी जता चुके हैं। तब उन्हें आश्वस्त किया गया था कि आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। शुक्रवार को कैबिनेट में प्रस्ताव लाए जाने की उनकी उम्मीद एक बार फिर टूट गई। इससे उन्होंने बैठक में ही अपनी नाराजगी जाहिर की और इस्तीफे की धमकी देकर चले गए।