उत्तराखंड: स्टाफिंग पैटर्न और एसीपी का दोहरा लाभ ले रहे करीब 50 हजार कर्मचारियों पर लटकी वसूली की तलवार
- वित्त ने दोहरा लाभ लेने की व्यवस्था को किया खत्म, 2011 के आदेश का लिया सहारा, वसूली के भी आदेश
- स्टाफिंग पैटर्न भी लागू है और एसीपी का भी ले रहे हैं लाभ
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स्टाफिंग पैटर्न और एसीपी का दोहरा लाभ ले रहे करीब 50 हजार कर्मचारियों पर वसूली की तलवार लटक गई है। शासन ने दोहरी व्यवस्था को खत्म करते हुए यह साफ कर दिया है कि जिनको अधिक पैसा मिला है, उनसे वसूली की जाएगी।
प्रदेश में पिछले लंबे समय से पदोन्नतियों को लेकर विवाद है। इसी को देखते हुए प्रदेश में एसीपी की व्यवस्था लागू की गई। इस तरह से वैयक्तिक सहायक संवर्ग, मिनिस्ट्रियल, वाहन चालक संवर्ग में स्टाफिंग पैटर्न भी लागू किया गया।
इसके तहत पदोन्नति की समयबद्ध व्यवस्था बनाई गई। अब शासन के संज्ञान में आया कि स्टाफिंग पैटर्न वाले विभागों में कई विभाग कर्मचारियों को एसीपी या संशोधति एसीपी का लाभ भी दे रहे हैं।
सचिव वित्त अमित सिंह नेगी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 2011 में जारी आदेश में यह साफ कह दिया गया था कि किसी भी कर्मचारी को दोहरा लाभ नहीं दिया जाएगा। शासन की जानकारी में आया है कि कुछ विभागों में स्टाफिंग पैटर्न भी लागू है और एसीपी का लाभ भी दिया जा रहा है।
2011 के शासनादेश से सामने आया मामला
वित्त ने इस आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि दोहरा लाभ पाने वालों के वेतन या सेवानिवृत्ति के देयकों से वसूली की जाए। वित्त का अनुमान है कि करीब 50 हजार कर्मचारी इस जद में आ रहे हैं। यह मामला 2011 के शासनादेश के कारण सामने आया है लिहाजा दोहरा लाभ पाने वाले कर्मचारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विरोध जताने की तैयारी में कर्मचारी
वित्त के इस आदेश के बाद से कर्मचारी संगठनों में उबाल है। उनका कहना है कि एक व्यवस्था लागू होनी चाहिए यह सही है, लेकिन सरकार को इतने साल बाद कोरोना काल में ही यह याद क्यों आ रहा है। कर्मचारियों को इससे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
एक नजर में
- 08 मार्च, 2011 को सरकार ने आदेश जारी किया था कि कर्मचारियों को 10, 16 और 26 वर्ष में संतोषजनक सेवा पर पदोन्नत वेतनमान दे दिया जाए। इसी के तहत यह साफ कहा गया कि कर्मचारियों को दोहरा लाभ नहीं दिया जाए। अगर स्टाफिंग पैटर्न लागू है तो एसीपी का लाभ नहीं मिलेगा।
- एक जनवरी, 2017 से प्रदेेश में नई व्यवस्था लागू हुई। संशोधित एसीपी के जरिये 10, 20 और 30वें वर्ष एसीपी की व्यवस्था की गई।
- अब सामने आया है कि कई संवर्गों में दोहरा लाभ लिया जा रहा है।