{"_id":"5fba0ee979fe08328f48c7e2","slug":"uttarakhand-police-officers-who-spent-eight-years-now-will-go-to-mountains-area-for-duty","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: मैदान में आठ साल पूरे कर चुके पुलिसकर्मी अब जाएंगे पहाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: मैदान में आठ साल पूरे कर चुके पुलिसकर्मी अब जाएंगे पहाड़
Sun, 22 Nov 2020 12:41 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 22 Nov 2020 12:41 PM IST
सार
- डीजी बोले-जल्द सभी कर्मचारियों की तैयार की जाएगी सूची
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मैदान मे आठ सालों से नौकरी कर रहे पुलिसकर्मियों को जल्द ही पहाड़ चढ़ना पड़ सकता है। इसके लिए अब डीजी कानून व्यवस्था ने ही सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। डीजी के अनुसार तबादलों के बाद कर्मचारियों की मैदान में रुकने के लिए सेटिंग गेटिंग पर भी नजर रखी जा सकेगी।
विज्ञापन
बता दें कि पहाड़ पर नौकरी करने से अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह पुलिसकर्मी भी कतराते हैं। समय समय पर सेवाकाल का समय तय करते हुए तबादले किए जाते हैं। लेकिन, किसी न किसी तरह से बहुत से कर्मचारी अटैचमेंट के जरिये मनचाही पोस्टिंग स्थान पर ही रोकने में कामयाब हो जाते हैं। हालांकि, इसके लिए भी अधिकारियों ने कई आदेश जारी किए हैं कि किसी का अटैचमेंट ज्यादा लंबा नहीं चलेगा।
विज्ञापन
पिछले दिनों आईजी गढ़वाल रेंज ने भी लंबे समय से अटैचमेंट में चल रहे कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थान पर भेजने की बात कही थी। कारण है कि अटैचमेंट किसी एक निश्चित समय तक के लिए होता है। जबकि, कर्मचारी सालों तक अपनी नौकरी अटैचमेंट में ही पूरी कर लेते हैं। अब डीजी कानून व्यवस्था ने आठ साल के सेवाकाल को आधार बनाकर सूची तैयार करने को कहा है। ताकि, पुलिसकर्मियों को पहाड़ पर भी ड्यूटी कराई जा सके।
विज्ञापन
नहीं चलेगी सेटिंग गेटिंग
वाजिब समस्या के अलावा किसी की सेटिंग गेटिंग को नहीं चलने दिया जाएगा। डीजी अशोक कुमार का कहना है कि अटैचमेंट के कारण को देखा जाएगा। साथ ही वह कारण या समस्या दूर हुई या नहीं इस बारे में भी पड़ताल की जाएगी। किसी भी सूरत में इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।