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उत्तराखंड : रामनगर और कोटद्वार के बीच सफर हुआ आधा, जीएमओयू की बसों के संचालन को अनुमति
Sat, 19 Dec 2020 01:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 19 Dec 2020 01:07 PM IST
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हरक सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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कंडी मार्ग पाखरों-मोरघट्टी-कालागढ़-रामनगर के बीच अब गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (जीएमओयू) की बस सेवा शुरू होगी। शुक्रवार को वन मुख्यालय में वन मंत्री हरक सिंह की बैठक में यह फैसला किया गया। इस मार्ग के शुरू होने पर कोटद्वार और रामनगर के बीच दूरी आधी रह जाएगी।
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वन मुख्यालय में इस सड़क पर जीएमओयू की बसों के संचालन का फैसला होने के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग की ओर से कांर्बेट पार्क प्रशासन से भी बस संचालन की अनुमति का आदेश जारी करने का निर्देश जारी किया। पहले इस रूट पर जीएमओयू की बस का संचालन होता था। हाईकोर्ट के आदेश पर बसों का संचालन रोक दिया गया।
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वन मंत्री हरक सिंह के मुताबिक हाईकोर्ट ने निजी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई थी। जीएमओयू की बसें सार्वजनिक परिवहन का हिस्सा हैं। इसके बावजूद इन बसों के संचालन पर अधिकारियों ने रोक लगाई। इस रूट से रामनगर और कोटद्वार के बीच करीब 80 किलोमीटर का ही फासला रह जाता है। यूपी होते हुए जाने पर यह रूट 160 किलोमीटर का है।
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निजी वाहनों को अनुमति नहीं
निजी वाहन से इस रूट का इस्तेमाल करने के लिए अभी अनुमति की जरूरत पड़ेगी। वन मंत्री के मुताबिक इस रूट पर बस संचालन होने पर सामान्य यात्रियों का सबसे अधिक राहत मिलेगी। पर्यटकों के लिए पाखरों से अब जिप्सियों का संचालन किया जा रहा है। अब तक 15 जिप्सियों का पंजीकरण भी हो चुका है।
कोटद्वार-कांडा-ढिकाला रूट को भी मंजूरी, 25 से संचालन शुरू
कोटद्वार से कांडा होते हुए कार्बेट के ढिकाला जोन तक अब आसानी से पहुंचा जा सकेगा। यह रूट भूस्खलन के कारण वन क्षेत्र में आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। हरक सिंह के मुताबिक कार्बेट फाउंडेशन से मिले फंड से इस रूट की मरम्मत कराई गई। अब यह मार्ग आवाजाही के लिए खोला जाएगा। 25 दिसंबर को खुद वे इस रूट पर परिवहन संचालन का शुभारंभ करेंगे।