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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : उत्तराखंड में टोंगिया गांवों को मिलेगा राजस्व ग्राम का दर्जा
Fri, 28 Aug 2020 01:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 28 Aug 2020 01:13 PM IST
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : File Photo
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प्रदेश सरकार अब उत्तराखंड के टोंगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित करने जा रही है। ऐसा होने से प्रदेश के टोंगिया गांवों की करीब पचास हजार आबादी को राशनकार्ड से लेकर अन्य नागरिक सुविधाएं हासिल हो सकेंगी। सीएम के निर्देश पर इसके लिए काम भी शुरू हो गया है।
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टोंगिया दरअसल उन श्रमिकों के गांव हैं जो 1930 में वनों में पौधरोपण के लिए हिमालयी क्षेत्र में लाए गए थे। आजादी से पहले इन श्रमिकों को वनों में स्थित गांवों को कई तरह की सुविधाएं भी हासिल थीं। 1980 के आसपास वन संरक्षण अधिनियम बनने के बाद इनके अधिकार खत्म हो गए और ये गांव भी संरक्षित वनों में घिर कर रह गए।
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अब इन टोंगिया गांवों को प्रदेश सरकार राजस्व ग्राम का दर्जा देने जा रही है। प्रदेेश में हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, चंपावत, खटीमा, रामनगर, नैनीताल आदि में इस तरह के गांव हैं। इन गांवों की आबादी करीब पचास हजार बताई जाती है।
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यूपी ने कई टोंगिया गांवों को दिया है राजस्व ग्राम का दर्जा
कुछ समय पहले ही उत्तर प्रदेश ने भी सहारनपुर, गाजियाबाद आदि क्षेत्रों के टोंगिया गांवों को वन संरक्षण अधिनियम के तहत राजस्व गांव का दर्जा दिया था।
टिहरी बांध विस्थापितों को दिया जा चुका है तोहफा
प्रदेश सरकार ने हाल ही में देहरादून और हरिद्वार में नौ गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा भी दिया था। वन भूमि का भू उपयोग परिवर्तन पहले होने के कारण इन गांवों को राजस्व ग्राम घोषित करने में सरकार को कोई परेशानी भी नहीं हुई।
ये फायदा मिलेगा टोंगिया गांवों को
राशनकार्ड, बिजली, पानी, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा सहित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ।
कोटहमने हाल ही में टिहरी बांध विस्थापितों के कई गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया है। इसी तरह से अब हम प्रदेश के टोंगिया गांवों को भी राजस्व ग्राम बनाने जा रहे हैं। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इससे करीब 50 हजार लोगों को फायदा होगा। इन्हें राजस्व गांवों के समान नागरिक सुविधाएं मिल पाएंगी।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री