उत्तराखंड: हवाई सेवा से जुड़ेंगे पंच बदरी पंच केदार, पर्यटन विभाग तैयार कर रहा हेलीपैड बनाने की योजना
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि केदारनाथ व बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थ यात्री पंच बदरी और पंच केदार के दर्शन भी कर सकें, इसलिए दोनों मंदिरों को भी हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा।
विस्तार
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की तर्ज पर पंच बदरी और पंच केदार को हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग पंच बदरी और पंच केदार में हेलीपैड का निर्माण करेगा। एयर कनेक्टिविटी सुविधा से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालु आसानी से इन मंदिरों के दर्शन करने पहुंच सकते हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि केदारनाथ व बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थ यात्री पंच बदरी और पंच केदार के दर्शन भी कर सकें, इसलिए दोनों मंदिरों को भी हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा।
देवस्थानम बोर्ड बैठक: जोशीमठ में स्थापित होगा वेद अध्ययन केंद्र, चारधामों के गर्भगृह से नहीं होगा लाइव प्रसारण
पर्यटन विभाग के माध्यम से पंच बदरी और पंच केदार में हेलीपैड बनाने की योजना तैयार की जा रही है। सरकार की ओर से कनेक्टिविटी टूरिज्म को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। धार्मिक व पर्यटक स्थलों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
महाराज ने कहा कि केंद्र सरकार में अजय भट्ट को पर्यटन राज्य मंत्री का प्रभार मिला है। उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में नया क्या कर सकते हैं और केंद्र से क्या मांग सकते हैं। इस पर लगातार समीक्षा की जा रही है। स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना के तहत प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के लिए कई अवस्थापना विकास के कार्य किए जा रहे हैं।
ग्राम पंचायत व स्वयं सहायता समूह चलाएंगे पर्यटन आवास गृह
लंबे समय से वीरान पड़े टिहरी जिले के चार पर्यटक आवास गृह जल्द ही आबाद होंगे। जिला प्रशासन ने पर्यटक आवास गृहों के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूहों को सौंपी है। अतिथिगृहों की साज सज्जा का सामान पर्यटन विभाग उपलब्ध कराएगा।
जिला प्रशासन की ओर से पर्यटक आवास गृहों के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूहों को सौंपने से उम्मीद की जा रही है कि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। प्रभारी जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने चारों पर्यटक आवास गृहों मेें फर्नीचर, बेड़, बिस्तर, कुर्सी, मेज, बर्तन अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया है।
बताया कि बंग्लों की कांडी और सौड़ पर्यटक आवास गृहों का संचालन ग्राम पंचायत करेगी। मुखेम स्थित मड़भागीसौड़ के अतिथि गृह को श्री सेम नागराजा ग्राम संगठन और सुनहरीगाड़ अतिथि गृह को जय मां भगवती स्वयं सहायता समूह संचालित करेगा।
डीआरडीए में एनआरएलएम के तहत पंजीकृत गांवों के स्वयं सहायता समूहों को लंबे समय से बंद पड़े पर्यटक आवास गृहों के संचालन की जिम्मेदारी दी है। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार मिलने के साथ ही उनकी आर्थिकी भी बढ़ेगी। क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी रात्रि विश्राम की सुविधा मिलेगी।
- इवा आशीष श्रीवास्तव, डीएम टिहरी।