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उत्तराखंड में होगी आंतरिक सुरक्षा और पुलिस प्रबंधन की पढ़ाई, संबंधित कोर्स शुरू करने की कवायद 

Mon, 22 Feb 2021 10:23 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून
रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 22 Feb 2021 10:23 AM IST
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uttarakhand news : Internal security and police management will be studied in Uttarakhand
उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

राज्य में जल्द ही आंतरिक सुरक्षा (इंटरनल सिक्योरिटी) और पुलिस प्रबंधन (फोरेंसिक, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद रोधी आदि) से संबंधित विषयों की पढ़ाई हो सकेगी। यह पढ़ाई रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय द्वारा कराई जाएगी। इसके लिए गांधीनगर गुजरात स्थित विवि की टीम पीटीसी नरेंद्रनगर में अगले हफ्ते दौरे के लिए पहुंच रही है। इस दौरे के बाद ही शिक्षण संस्थान या फिर यूनिवर्सिटी का स्वरूप तय किया जाएगा।

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उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

पुलिस मुख्यालय के अनुसार पुलिस के सामने इस वक्त साइबर सुरक्षा जैसी तमाम चुनौतियां हैं, लेकिन इससे निपटने और पुलिस की सहायता के लिए विशेषज्ञ स्टाफ की बेहद कमी है। ऐसे में जरूरत है कि प्रदेश में ऐसे युवाओं को तैयार किया जाए, जो न सिर्फ पुलिस का सहयोग करें बल्कि बतौर एक विशेषज्ञ विभाग का हिस्सा भी बन सकें। इसके लिए एक ऐसे शिक्षण संस्थान को शुरू करने की जरूरत भी महसूस हो रही है। यह सब पुलिस प्रबंधन और आतंरिक सुरक्षा के विषयों की पढ़ाई के बाद ही संभव है। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

लिहाजा, यहां गांधीनगर गुजरात के राष्ट्रीय रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के सहयोग से एक शिक्षण संस्थान शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके तहत आतंकवाद रोधी, साइबर सिक्योरिटी और जवाबी कार्रवाई जैसे विषयों पर पढ़ाई कराई जाएगी। साथ ही रक्षा, स्ट्राटेजी और डिफेंस एजुकेशन संबंधित विषय भी यहां पढ़ाए जाएंगे। इसके लिए पीटीसी (पुलिस ट्रेनिंग स्कूल) नरेंद्र नगर का चुनाव किया गया है।

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रक्षा शक्ति विश्विद्यालय - फोटो : सोशल मीडिया

रक्षा शक्ति विश्विद्यालय की स्थापना गुजरात सरकार ने वर्ष 2009 में की थी। यहां पर दर्जनों विषयों में विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा कोर्स कराए जाते हैं। इसके 11 साल बाद 2020 में केंद्र सरकार ने इस विवि को अपने अधीन कर लिया था। इसके तहत झारखंड में भी रक्षा शक्ति विवि की शुरुआत की गई है। विवि शुरू होने के बाद प्रदेश के युवाओं को रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डिग्री डिप्लोमा के बाद न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी नौकिरयों के अवसर युवाओं को मिलेंगे। इसमें पुलिसकर्मी भी ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं। ऐसे में प्रदेश की पुलिस और भी अधिक मजबूत होगी। 

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उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विवि में ये हैं प्रमुख कोर्स 
- डिप्लोमा इन पुलिस साइंस 
- पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इंडस्ट्रीयल सेफ्टी एंड सिक्योरिटी 
- डिप्लोमा इन पुलिस कम्यूनिकेशन एंड टेक्नोलॉजी 
- डिप्लोमा इन क्रिमिनल एंड जुवेनाइल जस्टिस आदि
- बैचलर ऑफ आर्ट इन सिक्योरिटी मैनेजमेंट
- बीटेक इन साइबर सिक्योरिटी 
- पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन एंड स्ट्रेटेजिक में एमए 
- क्रिमिनोलॉजी एंड क्रिमिनल साइंस में एमए 
- फोरेंसिक साइंस में एमए
- फोरेंसिक साइकोलॉजी में एमए व एमएसी आदि

अगले सप्ताह पीटीसी नरेंद्रनगर में रक्षा शक्ति विवि गांधीनगर की टीम दौरे के लिए आ रही है। टीम के दौरे के बाद ही यहां पर शिक्षण संस्थान शुरू करने की योजना पर काम किया जाएगा। पुलिस प्रबंधन और आतंरिक सुरक्षा पर पढ़ाई करने के बाद यहां के युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही पुलिस भी और अधिक मजबूत होगी।
- डॉ. नीलेश आनंद भरणे, प्रवक्ता, उत्तराखंड पुलिस 
 

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