उत्तराखंड: किच्छा में शादी से लौट रही कार हुई हादसे का शिकार, दुल्हन की मां और दादी समेत चार लोगों की मौत
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उत्तराखंड के गदरपुर से शादी समारोह से लौट रही कार मंगलवार तड़के किच्छा में आदित्य चौक के पास सुबह की सैर पर निकले एफसीआई रुद्रपुर के प्रबंधक को रौंदने के बाद एक पोल से टकराकर कार कलाबाजी खाते हुए करीब 150 फीट दूर जाकर एक गड्ढे में पलट गई। हादसे में सैर पर निकले एफसीआई प्रबंधक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार सवार छह लोगों में से दुल्हन की मां और दादी के अलावा एक अन्य महिला को अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को रुद्रपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। सूचना पर एएसपी, सीओ और ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बसंत गार्डन निवासी जगदीश कुमार गोयल की बेटी निशु की शादी सोमवार रात गदरपुर के एक रिजॉर्ट में थी। परिजन सोमवार शाम को गदरपुर पहुंच गए थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार तड़के दुल्हन की विदाई के बाद परिवार वाले अलग-अलग वाहनों से घरों को लौट रहे थे। दुल्हन का चचेरा भाई रजत गोयल उर्फ रॉकी अपनी कार में अपनी मां निर्मला देवी पत्नी सुरेंद्र गोयल, दुल्हन की मां मंजू गोयल पत्नी जगदीश गोयल, ताई अनीता गोयल पत्नी स्व. मदनलाल निवासी बसंत गार्डन किच्छा, दुल्हन की दादी चंद्रावती पत्नी सूरजभान निवासी सिसैया सितारगंज और किच्छा पुरानी मंडी निवासी आशा कार्यकर्ता कुसुमलता शर्मा पत्नी ज्योति प्रकाश के साथ लौट रहा था।
बताया जा रहा है कि इन्टर्राक कंपनी के पास कार असंतुलित होकर सड़क पर सैर के लिए निकले राधा कॉलोनी निवासी एफसीआई रुद्रपुर के प्रबंधक चरन सिंह (43) पुत्र तेज सिंह मूल निवासी नौगवां ठग्गू खटीमा को रौंदती हुई एक बिजली के पोल से टकराई और कलाबाजी खाने के बाद करीब 150 फीट दूर एक गड्ढे में जाकर पलट गई। कार के परखचे उड़ गए। हादसे में चरन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की आवाज सुनकर इन्टर्राक कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह घायलों को बाहर निकालकर सीएचसी पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने दुल्हन की मां मंजू गोयल (63) और कुसुमलता (55) को मृत घोषित कर दिया जबकि दुल्हन की दादी चंद्रावती (80) को रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में मृत घोषित किया गया। हादसे में घायल कार चालक रजत गोयल उर्फ रॉकी, उसकी मां निर्मला देवी और ताई अनीता को गंभीर हालत में रुद्रपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना पर एएसपी ममता बोहरा, सीओ सुरजीत कुमार, कोतवाल चंद्रमोहन सिंह मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
नींद का झोंका आने से हुआ हादसा
कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने हादसे का कारण चालक को नींद की झपकी आना बताया है। कोतवाल ने बताया कि कार सवार सभी लोग रातभर विवाह समारोह में रहे। सुबह विदाई के बाद गदरपुर से चले। रात भर जगे होने के कारण उसे नींद की झपकी आई और हादसा हो गया।
इन्टर्राक कंपनी के कर्मचारी देवदूत बने
हादसे के बाद घटनास्थल पर सबसे पहले इन्टर्राक कंपनी के कर्मचारी देवदूत बनकर पहुंचे। कर्मचारियों ने कार के अंदर चीख रहे घायलों को बाहर निकालने का प्रयास करना शुरू किया लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने कंपनी से जेसीबी मंगाई। इसके बाद कार को बाहर निकालने के बाद घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
कुसुमलता को बुधवार को हरिद्वार जाना था
हादसे में मृत कुसुमलता के परिजनों के अनुसार कुसुम का पुत्र रोहित हरिद्वार में जॉब करता है। कुसुम को बुधवार को अपने पुत्र रोहित के पास हरिद्वार जाना था। बताया कि गदरपुर में आयोजित विवाह में शामिल होने कुसुम भी चली गई। उन्हें रात को ही लौटना था लेकिन रात को सवारी ना मिलने के कारण वह गदरपुर में शादी के फेरे पूरे होने तक रुक गईं। तड़के लौटते समय कुसुम रॉकी की कार में बैठ गईं और फिर घर के नजदीक आते-आते यह हादसा हो गया।
जेई को पता नहीं था कि उसके ससुर भी यहां चपेट में आए हैं
नगर के ऊर्जा निगम में तैनात जेई उमेश सिंह राणा के साथ भी अजीब घटनाक्रम हुआ। उमेश ने बताया कि सुबह जब वह सोकर उठे तो उन्हें किसी ने फोन पर सूचित किया कि आदित्य चौक के पास एक कार बिजली के पोल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। उमेश ने बताया कि चूंकि घटनास्थल पावर हाउस के पास ही था तो वह अपने घर से टहलते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। थोड़ी देर वहां रुकने के बाद वह लौट आए और थोड़ी देर बाद ही उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उक्त स्थान पर हुए हादसे में उनके चचिया ससुर चरन सिंह जो एफसीआई के वेयर हाउस के प्रबंधक थे, उनकी जान चली गई। जेई का पूरा परिवार गमजदा है।
अगर रॉकी कार पहले अपने घर ले जाता तो टल जाता हादसा
रॉकी जब कार से गदरपुर से किच्छा के लिए चला तो कार में रॉकी के अलावा उसकी मां निर्मला देवी, चाची मंजू, ताई अनीता, दादी चंद्रावती और पुरानी मंडी निवासी कुसुमलता बैठी थीं। बताया जा रहा है कि नगर और घटनास्थल से काफी पहले ही बसंत गार्डन कॉलोनी है। इन सबको पहले वहीं जाना था लेकिन पुरानी मंडी निवासी कुसुमलता ने कहा कि आप लोग पहले मुझे मेरे घर छोड़ दो फिर लौट आना। इस पर रॉकी पहले कुसुमलता को उसके घर छोड़ने के लिए कार को किच्छा की ओर लेकर आ गया। ये लोग अभी कुछ ही दूर बढ़े थे कि हादसा हो गया। यदि रॉकी पहले अपने घर सवारियां छोड़ देता तो क्या पता हादसा टल भी सकता था।
हादसे के बाद वर वधू दोनों घरों में शोक की लहर
इस हादसे में सबसे ज्यादा सदमा दुल्हन निशु को पहुंचा है। उसे यह नहीं पता था कि जिस मां ने उसे जन्म दिया और लाड़ प्यार से पाला उसके विवाह के दिन ही हादसे में मां ही नहीं बल्कि दादी की जान चली जाएगी। हादसे के बाद वर और वधू दोनों पक्षों के यहां मातम पसरा हुआ है। जिस घर में रात तक शहनाई की आवाजें आ रही थीं वहां पर रुक-रुककर अब करुण क्रंदन हो रहा है।
घटना पर जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
दुर्घटना की सूचना मिलते ही सरकारी अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई। विधायक राजेश शुक्ला, पालिकाध्यक्ष दर्शन कोली, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़, कांग्रेसी नेता संजीव कुमार सिंह व हरीश पनेरु, गिरधारी गोयल सीएचसी पहुंचे और दुर्घटना पर शोक जताया। पनेरु ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की है।