उत्तराखंड: एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या से हड़कंप, दो शव घर पर तो दो मिले नदी किनारे
नानकमत्ता में मां-बेटी समेत परिवार के लोगों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। पुलिस प्रथम दृष्टया हत्या का मामला मानकर मामले की जांच कर रही है।
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खटीमा मार्ग पर वार्ड संख्या छह में मंगलवार रात किसी समय एक सुनार (ज्वैलर्स), उसकी मां और नानी समेत एक ही परिवार के चार लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी गई। सुनार की मां और नानी के शव घर में तो सुनार और उसके ममेरे भाई के शव डेढ़ किमी दूर देवहा नदी किनारे झाड़ियों में मिले हैं। घर की तिजोरी से जेवरात और नकदी गायब होने से अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या लूट के इरादे से की गई, हालांकि पुलिस इसे चोरी मान रही है।
एसएसपी और डीएम ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया
बुधवार दोपहर में घटना का पता चलने पर एसएसपी और डीएम ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने भी अधिकारियों की टीमों को साक्ष्य जुटाने में लगाया है। एहतियातन जिले भर के थानों से फोर्स व पीएसी बुला ली गई है। एसओजी व फॉरेंसिक एक्सपर्ट हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटे हैं।
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नगर के वार्ड संख्या छह खटीमा मार्ग निवासी आदर्श ज्वैलर्स के स्वामी अंकित रस्तोगी उर्फ अजय रस्तोगी (28) पुत्र शिवशंकर रस्तोगी ने दो-तीन महीने पहले ही दुकान खोली थी। अंकित अपनी मां आशा देवी (60) के साथ घर में रहता था, जबकि पिता शिवशंकर रस्तोगी दिन भर कबाड़ की दुकान पर रहने के बाद रात को अपने बड़े बेटे आदेश रस्तोगी के घर में सोते थे।
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बुधवार की सुबह अंकित की दुकान बंद थी और घर से भी कोई बाहर नहीं आया। दोपहर करीब डेढ़ बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-125 से मोहम्मदगंज होते हुए सिद्धा गांव को जाने वाली सड़क पर देवहा नदी किनारे झाड़ियों में अंकित रस्तोगी और बरेली के शाही निवासी सोने के कारीगर ममेरे भाई उदित रस्तोगी (26) पुत्र अनिल रस्तोगी की लाशें पड़ी मिलीं। मोहम्मदगंज गांव के लोगों ने एक लाश के हाथ पर अंकित गुदा देखा तो नगर में अंकित की लाश होने की चर्चा फैल गई। इस पर पिता शिवशंकर व बड़ा भाई आदेश रस्तोगी घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने दोनों के होश फाख्ता हो गए। उन्होंने दोनों की पहचान की।
घटनास्थल पर पड़े मिले अंकित के जूते व कपड़े
आदेश ने मां आशादेवी को फोन लगाया तो फोन नहीं उठा। इस पर आदेश घर पहुंचा तो दरवाजा भिड़ा हुआ था। अंदर जाकर देखा तो कमरे में मां आशा देवी (60) व नानी सन्नो देवी (80) बेड पर खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थीं। उसने पुलिस को सूचना दी।
थानाध्यक्ष केसी आर्या मय पुलिस बल उनके घर पहुंचे और दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया। एक ही परिवार में चार लोगों की नृशंस हत्या से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतक आशा के बेटे अंकित की अभी शादी नहीं हुई थी। बड़े बेटे आदेश और तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। नानी सन्नो देवी करीब 20 दिन पहले उनके घर आई थी।
एसपी सिटी ममता बोहरा, सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर और डीएम युगल किशोर पंत ने घटनास्थल का मुआयना किया। डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने भी जानकारी लेने के बाद एसएसपी को घटना के खुलासे में लगाया है। उन्होंने बताया कि हत्या के कारणों को जानने के लिए टीमें हर एंगल पर जांच कर रही हैं।