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Uttarakhand: कई तालों की मास्टर चाबी बनेगा परिवार पहचान पत्र, एजेंसी का चयन, अगले हफ्ते सरकार करेगी एमओयू

Thu, 26 Sep 2024 05:00 AM IST
अलका त्यागी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 26 Sep 2024 05:00 AM IST
सार

Uttarakhand News: परिवार पहचान पत्र योजना के जरिये एकत्रित होने वाले आंकड़ों से सरकार की अन्य योजनाओं, रोजगार, उद्यम, जनगणना, निर्वाचन और शहरी व ग्रामीण घरों के बारे में ताजा जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

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Uttarakhand News Family identity card will become master key of many locks government will sign MoU next week
- फोटो : freepik.com

विस्तार

उत्तराखंड में परिवार पहचान पत्र योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार अगले हफ्ते समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने जा रही है। इसके लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है।

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एजेंसी विभागों से योजनाओं के लाभार्थियों के आंकड़ों का विश्लेषण करने से लेकर इसकी मॉनिटरिंग तक का काम करेगी। सरकार का मानना है कि परिवार पहचान पत्र योजना के जरिये एकत्रित होने वाले आंकड़ों से सरकार की अन्य योजनाओं, रोजगार, उद्यम, जनगणना, निर्वाचन और शहरी व ग्रामीण घरों के बारे में ताजा जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
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यानी परिवार पहचान पत्र योजना की चाबी से सरकार सभी विभागों से जुड़ी वर्तमान और भावी योजनाओं के ताले खोल सकेगी। योजना के तहत दो तरह का परिवार पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। पहला उन परिवारों के लिए जो स्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। दूसरा उन लोगों के लिए, जिनका राज्य में आना-जाना लगा रहता है। परिवारों को यूजर आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा, ताकि वे वेबसाइट पर अपने परिवार व सदस्यों के बारे में सूचनाओं को समय-समय पर अपडेट कर सकें।
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पोर्टल तैयार, प्रकोष्ठ भी गठित
परिवार पहचान पत्र का जिम्मा नियोजन विभाग को सौंपा गया है। नियोजन विभाग ने पहले चरण में राष्ट्रीय सूचना केंद्र के सहयोग से पोर्टल तैयार कर लिया है। इसी के जरिये योजना का संचालन और मॉनिटरिंग का कार्य होगा। नियोजन विभाग में एक प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है, जिसमें योजनाकारों और विश्लेषकों को जिम्मेदारी दी गई है।

डुप्लीकेसी खत्म होगी, नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा
परिवार पहचान पत्र बनने के बाद सरकार के पास प्रत्येक परिवार के बारे में यह जानकारी भी होगी कि वह किस-किस सरकारी योजना का लाभ ले रहा है। इससे योजनाओं में फर्जीवाड़े की आशंका कम होगी और डुप्लीकेसी नहीं हो पाएगी।

योजना से होंगे कई फायदे
- सरकार के पास यह जानकारी होगी कि राज्य में कितने लोग बेरोजगार हैं।
- लोगों को वेबसाइट पर यह जानकारी मिल सकेगी कि वे किन-किन योजनाओं के पात्र हैं और किनका लाभ ले रहे हैं।
- परिवारों के उपलब्ध प्रमाणित आंकड़े जनगणना, निर्वाचन, सहकारिता, कृषि, उद्योग आदि के कार्यों में उपयोगी होंगे।
- आंकड़े उपलब्ध होने से सर्वे कराने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

परिवार पहचान पत्र योजना के लिए जल्द एक एजेंसी के साथ हम एमओयू करने जा रहे हैं। यह एजेंसी योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने में सहयोग करेगी। अन्य राज्यों का अध्ययन करने से हमें योजना को और प्रभावी बनाने में मदद मिली है।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, नियोजन

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