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उत्तराखंड : किसानों से ऋण की वसूली पर रोक, कोविड महामारी के कारण सरकार ने दिए आदेश
Sun, 23 May 2021 10:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 23 May 2021 10:36 AM IST
सार
महामारी में जो किसान ऋण की किस्त जमा नहीं कर पा रहा है तो उनके खिलाफ आरसी जारी करने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रदेश के किसानों के हित में सरकार ने यह कदम उठाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
कोरोना महामारी के चलते सरकार ने किसानों से ऋण वसूली पर रोक लगा दी है। कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने इस संबंध में विभाग को आदेश दिए हैं। ऋण की किस्त जमा न करने वाले किसानों पर विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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प्रदेश के लाखों किसानों ने खेतीबाड़ी के लिए ऋण लिया है। लेकिन कोरोना महामारी के चलते किसानों के सामने भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए सरकार ने किसानों के ऋण की वसूली पर रोक लगाई है।
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कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि विभाग को किसानों से ऋण की वसूली न करने के आदेश दिए गए हैं। महामारी में जो किसान ऋण की किस्त जमा नहीं कर पा रहा है तो उनके खिलाफ आरसी जारी करने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रदेश के किसानों के हित में सरकार ने यह कदम उठाया है।
एजेंट महिला समूहों पर बना रहे किस्त का दबाव
वहीं फाइनेंस कंपनियों के एजेंट महिला समूहों पर किस्त का दबाव बना रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान भी गांव गांव में मीटिंग कर लोगों की भीड़ जुटा रहे हैं। जिस पर ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख प्रवीण बंसल ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है ऐसे एजेंटों के खिलाफ वे कोतवाली में केस दर्ज कराएंगे। कुछ दिन पूर्व वसूली के लिए एक गांव में पहुंचे एजेंटों को उन्होंने बैरंग लौटा दिया।
उनका कहना है कि फाइनेंस कपनियों ने महिलाओं को ऋण दिया हुआ है। कोरोना के कारण सभी काम धंधे बंद हैं। महिलाओं की स्थिति ऐसे नहीं है कि वे वर्तमान में किस्त दे सके। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं ने ऋण लिया हुआ है। बावजूद फाइनेंस एजेंट गांव-गांव में जाकर महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
उन पर किस्त के लिए दबाव बना रहे हैं। उनके द्वारा मीटिंग की जा रही है। जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे एजेंटों के खिलाफ कोतवाली विकासनगर में तहरीर देकर महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।