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उत्तराखंड : पिरान कलियर दरगाह पर कई पूर्व प्रधानमंत्री समेत अनगिनत शख्सियत टेक चुकी हैं मत्था  

Mon, 12 Apr 2021 04:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अंकित कुमार गर्ग , अमर उजाला, रुड़की
अंकित कुमार गर्ग , अमर उजाला, रुड़की Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 12 Apr 2021 04:48 PM IST
सार

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी मत्था टेककर दुआ मांगी।

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uttarakhand news : Countless figure including many former prime ministers have reached at piran kaliyar dargah.
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी मत्था टेककर दुआ मांगी - फोटो : अमर उजाला

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल विश्व प्रसिद्ध साबिर पाक के सहारे कई राजनीतिक दलों के मुखिया यहां हाजिरी लगाते रहे हैं। रविवार को यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी मत्था टेककर दुआ मांगी। इसके कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं, लेकिन इस सरजमीं पर सिर झुकाने वाली देश की शख्सियतों की लंबी फेहरिस्त है।



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पिरान कलियर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी आदि सैकड़ों शख्सियतों ने शीष नवाया है। कुछ कामों को छोड़ दें तो इस पवित्र स्थल को सरकार की ओर से न तो कोई दर्जा मिला है और न ही विकास के आयाम स्थापित हो सकें हैं। 2014 में रुड़की में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिरान कलियर को उत्तराखंड का पांचवां धाम बनाने और सालाना उर्स को राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने की बात कही थी।

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इसके अलावा समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से की गई उर्दू फारसी एकेडमी और यूनानी मेडिकल की घोषणा भी परवान नहीं चढ़ पाई। दरगाह का एकमात्र साबरी गेस्ट हाउस खंडहर हो चुका है। बरसात में छत से पानी टपकता है। जायरीन इधर-उधर रात बिताने को मजबूर रहते हैं।

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सैकड़ों शख्सियतों ने शीष नवाया है - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

स्थानीय बाशिदों के दिलों में इस बात की टीस है कि राजनीतिक शख्सियतें यहां आकर मत्था तो टेकती हैं, लेकिन इस विश्व प्रसिद्ध स्थल को सम्मान और दर्जा दिलाने के लिए किसी ने कुछ नहीं किया। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव से पहले साबिर पाक की दरगाह पहुंचने के कई सियासी मायने भी तलाशे जा रहे हैं।

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सीएम अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

राजनीतिक जानकार इस उधेड़बुन में हैं कि क्या साबिर पाक के सहारे सपा जिले में राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है। सज्जादानशीन शाह एजाज साबरी ने बताया कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव पहली बार पिरान कलियर आए हैं। पूर्व सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव भी यहां कभी नहीं आए।
 

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पिरान कलियर - फोटो : अमर उजाला

हालांकि यूपी सरकार में मंत्री रहे शिवपाल यादव और अमर सिंह यहां पहुंच चुके हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण से बात करें तो जिले में बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी के निवास करने के बाद भी सपा ज्यादातर चुनावों में हाशिये पर ही रही है। हालांकि राज्य के गठन के बाद यहां सपा सांसद राजेंद्र बॉडी चुनावी लहर में जीते थे। इसके बाद से सपा को कोई भी कामयाबी नहीं मिल सकी है। ऐसे में राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कलियर पहुंचने को लेकर सियासत गरमा गई है। 

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पिरान कलियर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

इन खास शख्सियतों ने टेका मत्था 
- पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी
- पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी
- पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा
- पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाब नबी आजाद 
- पूर्व राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला 
- कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला 
- पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद 
- पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर
- पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल
- फिल्म अभिनेता गोविंदा 
- भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन
- भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी

इस पवित्र धरती पर कई पूर्व प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पहुंचे हैं। सभी ने वादे तो किए हैं, लेकिन पूरे नहीं हुए हैं। कलियर को आज तक पांचवें धाम का दर्जा नहीं मिल सका। उर्दू फारसी अकादमी और यूनानी मेडिकल कॉलेज की स्थापना जैसी घोषणाएं भी पूरी नहीं हो सकीं।
- शाह अली एजाज साबरी, सज्जादानशीन

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