{"_id":"652d206666aeafbebe0a12c5","slug":"uttarakhand-news-an-umbrella-made-of-cedar-wood-and-kalash-restore-on-tungnath-temple-top-2023-10-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: बर्फबारी के बीच तुंगनाथ मंदिर के शीर्ष पर लगाया कलश, सजी देवदार की लकड़ी से बनी छतरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: बर्फबारी के बीच तुंगनाथ मंदिर के शीर्ष पर लगाया कलश, सजी देवदार की लकड़ी से बनी छतरी
Mon, 16 Oct 2023 05:15 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 16 Oct 2023 05:15 PM IST
सार
पंचकेदार में तृतीय तुंगनाथ मंदिर को विश्व में सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय माना जाता है। यहां भगवान आशुतोष के बाहु भाग की पूजा होती है।
विज्ञापन
तुंगनाथ मंदिर के शीर्ष पर लगी छतरी और कलश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर में छतरी के जीर्णोद्धार का काम कलश लगाने के साथ ही पूरा हो गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) व दानीदाता के सहयोग से देवदार की लकड़ी से बनी नई छतरी मंदिर के शीर्ष पर लगाई गई है। दिल्ली के दानीदाता संजीव सिंघल के सहयोग से 13 लाख 65 हजार की लागत से नई छतरी का निर्माण किया गया है।
विज्ञापन
यह भी देखें... बदरीनाथ धाम में बर्फबारी के बाद दिखा खूबसूरत नजारा, ठंड से कांपे श्रद्धालु, देखें वीडियो
विज्ञापन
बता दें कि पंचकेदार में तृतीय तुंगनाथ मंदिर को विश्व में सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय माना जाता है। यहां भगवान आशुतोष के बाहु भाग की पूजा होती है। बीते चार सितंबर को पुरानी जीर्ण छतरी को उतारा गया था व कलश को मंदिर गर्भगृह में रखा गया था। सोमवार को तुंगनाथ में बारिश के बाद बर्फबारी शुरू हो गयी थी। इसके बाद भी कलश को पूजा के बाद गर्भगृह से लाकर हक हकूकधारियों व पश्वागणों की उपस्थिति में पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के शीर्ष में लगाया गया।
विज्ञापन